अननेचुरल-सेक्स…तांत्रिक ने सिर काटकर चढ़ाई बलि:पैसों की बारिश कराने ट्रिपल-मर्डर, मां ने बेटों को मार डाला, छत्तीसगढ़ में तंत्र-विद्या के नाम पर 8 कत्ल

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10 जनवरी 2026। रात का वक्त। जगह बलौदाबाजार का दरचुरा गांव। शराब की बोतलें खाली हो चुकी थीं। तांत्रिक के घर में कुछ लोग नशे में झूम रहे थे। पत्नी अपने पति से अननेचुरल सेक्स का बदला लेना चाहती थी। मामा और 2 कॉन्ट्रैक्ट किलर्स से पति को तलवार से कटवा दिया। महिला के तांत्रिक मामा ने सिर कलम किया। धड़ पटरी पर फेंका। सिद्धि प्राप्ति के लिए सिर की बलि चढ़ाई और जमीन में गाड़ दिया। सिर को लोगों को दिखाकर अपने जाल में फंसाना चाहता था। खुद को सिद्धि प्राप्त तांत्रिक साबित करना चाहता था, इसलिए अपने घर के पास में ही सिर को गाड़ा था। छत्तीसगढ़ की यह कोई पहली वारदात नहीं है। अलग-अलग जिलों में ठीक इसी पैटर्न पर कई हत्याएं हुईं। कोरबा में तांत्रिक ने ट्रिपल मर्डर किया। बालोद में तांत्रिक ने बैगा की बलि चढ़ाई। मुंगेली में भैया-भाभी ने अमीर बनने के लिए भतीजी को काट डाला। वहीं सक्ती जिले में मां ने तंत्र-मंत्र के लिए बेटों को जहर खिलाकर मार डाला। अब सवाल यह है कि आखिर छत्तीसगढ़ में तंत्र-मंत्र के नाम पर मर्डर क्यों हो रहे हैं, तांत्रिकों का नेटवर्क कैसे अपने जाल में फंसा रहा है, किस-किस पैटर्न पर तांत्रिक हत्याएं कर रहे हैं ? पहले पार्ट में पढ़िए छत्तीसगढ़ के 8 सबसे खौफनाक मर्डर केसेस की इन्वेस्टिगेशन स्टोरी, जहां रिश्ते टूटे, विश्वास मरा और अंधविश्वास ने इंसानियत को दफन कर डाला। अब पढ़िए छत्तीसगढ़ के 5 जिलों में खौफनाक तरीके से मर्डर की कहानी छत्तीसगढ़ के 5 जिलों में 8 हत्याएं हुई हैं। इनमें बलौदाबाजार, कोरबा, बालोद, मुंगेली और सक्ती जिले में तंत्र-सिद्धि, शक्ति पाने की सनक, अमीर बनने और पैसों की बारिश के लालच में हत्याएं हुई हैं। पहला पैटर्न है तंत्र-सिद्धि और शक्ति पाने की सनक में हत्याएं हुई हैं। दूसरे पैटर्न में अमीर बनने और तीसरा पैटर्न घरेलू विवाद और अंधविश्वास का है। इनमें अधिकतर अपनों ने ही हत्याएं की हैं। तांत्रिक के बहकावे में आकर बेटे, भतीजी और रिश्तेदारों की हत्याएं की हैं, तो कहीं पति की बलि चढ़ाई गई है। बलौदाबाजार में जनवरी 2026 में पत्नी ने सुपारी दी, तांत्रिक ने फायदा उठाकर बलि चढ़ाई दरअसल, 11 जनवरी 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे ग्राम मजगांव के पास हथबंद–भाटापारा रेलवे लाइन पर लोगों ने एक शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही हथबंद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। रेलवे ट्रैक पर मिले शव का सिर गायब था। गला धारदार हथियार से कटा हुआ था। पुलिस ने मौके से शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पत्नी कुसुम ने बताया कि पति अननेचुरल सेक्स के लिए परेशान करता था। मारपीट करता था। दूसरे पुरुषों से भी सेक्स करने के लिए दबाव डालता था। इन हरकतों से परेशान हो गई थी। इसके बाद अपने मामा को आपबीती बताई। पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची। चार आरोपियों को पुलिस ने अरेस्ट किया है। कोरबा में दिसंबर 2025 में पैसों के लालच में ट्रिपल मर्डर, तांत्रिक ने कारोबारी समेत तीन लोगों को मार डाला दरअसल, बिलासपुर का तांत्रिक आशीष दास अपने तीन साथियों के साथ कोरबा पहुंचा। इसके बाद बरबसपुर में अशरफ मेमन के स्क्रैप यार्ड में तांत्रिक अनुष्ठान करना शुरू किया। अनुष्ठान के बाद आशीष दास ने अशरफ मेमन, सुरेश साहू और नीतीश कुमार को एक कमरे में बुलाया। पुलिस के मुताबिक राजेंद्र, केशव, अश्विनी कुर्रे, संजय साहू और भागवत प्रसाद कमरे के बाहर थे। कमरे की दीवार में एक छेद था। इस छेद से बाहर से एक रस्सी डाली गई थी। जैसे ही कमरे के अंदर से इशारा किया जाता, बाहर के लोग पीड़ितों के गले में फंसी रस्सी खींचते। पीड़ितों के मुंह में नींबू रखे गए थे, ताकि वे कोई शोर न मचा सकें। बालोद में मई 2025 में तांत्रिक ने बैगा को घर बुलाया, तंत्र विद्या के लिए बलि चढ़ाई गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम सिर्राभाठा में तांत्रिक और घरवालों ने मिलकर गांव के बैगा को मौत के घाट उतार दिया। हत्या से पहले बैगा को नहला कर पूजा रूम में लाया गया। गला रेतने से पहले कच्चा चावल भी खिलाया गया है। फिर बैगा की बलि दी गई। तांत्रिक ने गांव के दो अन्य लोगों को मारने के लिए भाला लेकर दौड़ाया था। घटना के बाद पुलिस ने घर मालिक तिहारू राम निषाद, उनके साढ़ू, डौंडी से आए बैगा और उसके सहयोगियों सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मुंगेली में अप्रैल 2025 में भैया-भाभी ने तंत्र विद्या से अमीर बनने के लिए भतीजी को काट डाला दरअसल, 11 अप्रैल 2025 की रात मुंगेली जिले के कोसाबाड़ी गांव में 7 साल की महेश्वरी उर्फ लाली अपनी मां पुष्पा के साथ बिस्तर पर सो रही थी, लेकिन आधी रात करीब 2 बजे जब उसकी मां की नींद खुली, तो बिस्तर पर उसकी नन्ही सी बच्ची गायब थी। पड़ोसी ने बताया कि वह छत से वारदात की रात एक बच्ची को ले जाते देखा था। केस को बारीकी से जांच की गई। इससे पता चला कि चिम्मन गोस्वामी और ऋतु गोस्वामी का लाली के घर में आना जाना था। चिम्मन किराना दुकान, डीजे, टेंट हाउस और शराब बेचने का काम करता है। नार्को टेस्ट में मास्टरमाइंड ऋतु गोस्वामी ने स्वीकार किया कि वह झरन पूजा के जरिए धन कमाना चाहती थी। लाली को किडनैप कर लाने के लिए नरेन्द्र मार्को को पैसे दिए थे। काले कपड़े पहनाए। तंत्र क्रिया से पैसा कमाने के लिए लालच में आकर चाकू से मारकर बच्ची की बलि चढ़ाई। सक्ती जिले में अक्टूबर 2024 में मां ने तंत्र-मंत्र के लिए बेटों को जहर खिलाकर मार डाला, अमीर बनने की चाहत थी दरअसल, मृतकों की मां अपने तीन बेटों और दो बेटियों के साथ नाम जप रही थी। इस दौरान दो बेटों की मौत हो गई, जबकि महिला और उसके तीन बच्चों समेत परिवार के चार सदस्यों की मानसिक स्थिति खराब हो गई थी। मां ने अपने बाकी बच्चों के साथ मिलकर 2 बेटों को मार डाला। पुलिस ने सभी को अरेस्ट कर लिया है। ये हत्या तंत्र-मंत्र के लिए की गई थी। हालांकि ये पता नहीं चल पाया कि किस तांत्रिक के कहने पर हत्या की गई थी। अब पढ़िए छत्तीसगढ़ में किस साल अंधविश्वास और तंत्र मंत्र में कितनी हत्याएं छत्तीसगढ़ में मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस की कार्रवाई के आंकड़े बताते हैं कि 2021-2025 के बीच अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र से जुड़ी हत्याओं में कुल 83 (अनुमानित) मौतें हुईं। सबसे ज्यादा मामले 2022 (22 मौतें) और 2021 (20 मौतें) में दर्ज हुए, जबकि 2024 में घटकर 10 रह गए। मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस की कार्रवाई के आंकड़े बताते हैं कि उतार-चढ़ाव के बावजूद अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र से जुड़ी प्रवृत्ति जारी है। पुलिस कार्रवाई और जागरूकता से कमी आई है, लेकिन अंधविश्वास के नाम पर हत्याएं पूरी तरह थमी नहीं हैं। तांत्रिकों के जाल में कैसे फंसते हैं लोग ? मनोचिकित्सक डॉ. आशुतोष तिवारी ने बताया कि तांत्रिक किसी चमत्कार के कारण नहीं, बल्कि लोगों के डर के कारण असरदार बनता है। जब बीमारी ठीक नहीं होती, पैसा खत्म हो जाता है या मामला कोर्ट-कचहरी में फंस जाता है, तब लोग डॉक्टर या कानून से पहले तांत्रिक के पास चले जाते हैं, क्योंकि वह तुरंत समाधान का भरोसा देता है। डॉ. आशुतोष तिवारी ने बताया कि इन मामलों में एक बात साफ दिखती है कि हत्या से पहले डर होता है। बीमारी का डर, गरीबी का डर, बदनामी या असफलता का डर। तांत्रिक इसी डर को चमत्कार और पूजा-पाठ की बातों में बदल देता है, और लोग गलत कदम उठा बैठते हैं। टोनही के संदेह में प्रताड़ना, मारपीट के 1350 से ज्यादा मामले दर्ज अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्रा ने बताया कि अंधविश्वास और सामाजिक कुरुतियों के संदेह में टोनही के संदेह में महिला प्रताड़ना की घटनाएं, मारपीट करने की घटनाएं, हत्या करने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। छत्तीसगढ़ में 2017 से लेकर 2025 तक करीब 1350 मामले क्राइम रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इसके बाद के मामलों को मिलाकर 3 हजार से ज्यादा केस हो रहे हैं। तंत्र-मंत्र ठगी के मामले भी लगातार सामने आए हैं। डॉ. दिनेश मिश्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में तंत्र-मंत्र और तांत्रिक बनने की बातें सब अंधविश्वास है। न कोई खजाना मिलता है और न ही कोई सिद्धि प्राप्त की जा सकती है। बलि की घटनाएं भी बहुत सारी सामने आई हैं। खजाना और सिद्धि प्राप्त करने के लिए लोगों को मार डाला। ये सब अंधविश्वास है। लोगों को इस तरह के अंधविश्वास में नहीं पड़ना चाहिए। अब पढ़िए छत्तीसगढ़ में इस तरह की वारदात पर सजाएं छत्तीसगढ़ में जादू‑टोना, तंत्र‑मंत्र और पैसों की बारिश जैसी गतिविधियों के खिलाफ राज्य ने टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 लागू किया है। इसके तहत किसी को टोनही या डायन बताकर डराना, झाड़‑फूंक करना या ठगी करना अपराध माना जाता है। इसके अलावा, मानव बलि, हत्या, अपहरण और धोखाधड़ी जैसी वारदातों के लिए सीधे IPC / BNS की गंभीर धाराएं लागू होती हैं, जिनमें उम्रकैद या फांसी तक की सजा का प्रावधान है। डिजिटल ठगी या ऑनलाइन झांसे के मामलों में IT Act भी लागू होता है।

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