छ्त्तीसगढ़ में नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में फूड प्वाइजनिंग की वजह से 5 ग्रामीणों की मौत हो गई है। इसपर अब बस्तर से सांसद महेश कश्यप (BJP) ने माओवादियों और सत्ताधारी लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। जगदलपुर में सांसद महेश कश्यप ने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र के लोग कई प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त हैं। यही वजह है कि आज उन्हें बेमौत मरना पड़ रहा है। इसके जिम्मेदार कुछ लोग हैं। एक तो पूरे सत्ताधारी लोग हैं और दूसरे माओवादी लोग हैं। इनकी वजह से हमारे लोगों को बेमौत मरना पड़ रहा है।
सरकार सड़क और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में लगी सांसद ने कहा कि, चाहे उल्टी-दस्त हो या फिर अन्य कोई कारण। अबूझमाड़ में आवाजाही और कनेक्टिविटी नहीं है। जिससे स्वास्थ्य अमला समय पर नहीं पहुंच पा रहा है। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि हमारी सरकार की पूरी कोशिश है, वहां सड़क कनेक्टिविटी के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाएं। 5 मौत होना ये दुर्भाग्यजनक है। सांसद ने कहा कि, मैं अभी स्वास्थ्य अधिकारियों से बातचीत करूंगा। जो बीमार हैं उन्हें कैसे बाहर लाया जा सकता, इसपर चर्चा करूंगा। ये है पूरा मामला छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और बीजापुर जिले की सरहद पर बसे अबूझमाड़ के गांव में फूड प्वाइजनिंग होने से 5 ग्रामीणों की मौत हो गई है, जबकि 25 से ज्यादा ग्रामीण बीमार हैं। ये ग्रामीण तेरहवीं में दूषित खाना खा लिए थे। एकाएक इनकी तबीयत बिगड़ी और 1 सप्ताह के अंदर ही 2 माह की बच्ची समेत 5 ग्रामीणों की मौत हो गई। यह मामला नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक के डूंगा गांव के घोट पारा की है। 14 अक्टूबर को इस गांव में एक ग्रामीण के घर तेरहवीं का कार्यक्रम था। जिसमें पूरा गांव शामिल हुआ था। यहां खाना खाने के बाद एकाएक ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने लग गई थी। ग्रामीणों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। ग्रामीण गांव में ही सिरहा गुनिया से इलाज करवा रहे थे। जिसके बाद 14 अक्टूबर से लेकर 20 अक्टूबर के बीच 2 माह की बच्ची बेबी, बुधरी (25), बुधराम (24), लख्खे (45) और उर्मिला (25) की मौत हो गई। साथ ही करीब 25 ग्रामीण बीमार गए। इनमें से 20 से ज्यादा ग्रामीणों को फूड पॉइजनिंग हो गई थी।
