बॉलीवुड के परफेक्शनिस्ट अभिनेता आमिर खान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि वह बचपन से ही फिल्मों को देखने में कम रुचि रखते थे और अधिकतर समय किताबें पढ़ते थे। आमिर ने बताया कि उनका बचपन एक बहुत ही रूढ़िवादी परिवार में बीता, जहां उन्हें रोमांटिक फिल्मों और अन्य आम फिल्मों को देखने की अनुमति नहीं थी। Variety India को दिए इंटरव्यू आमिर खान ने कहा- मैं बचपन से ही पढ़ने में ज्यादा रुचि रखता था। मैंने नियमित रूप से केवल ब्लैक-एंड-व्हाइट या पुराने दौर की फिल्में देखी, जो दूरदर्शन पर आती थीं। उस समय हमारे घर में फिल्में देखना मना था। अगर कभी मैं मां से फिल्म देखने की अनुमति मांगता, तो रोमांटिक फिल्मों की इजाजत नहीं होती। उन्होंने यह भी बताया कि वे सप्ताहांत पर ही फिल्मों को देखते थे, और उनमें भी ज्यादातर पुराने सितारों जैसे अशोक कुमार और दिलीप कुमार की फिल्में शामिल थीं। आमिर ने कहा कि वे बहुत कम फिल्में देखते हैं। वे खुद को पढ़ने वाला इंसान मानते हैं, और उन्होंने यह भी कहा कि वे फिल्में बनाते हैं, लेकिन बहुत कम देखते हैं। आमिर ने मजाकिया अंदाज में कहा- कुछ लोग फ़ुटबॉल खेलते हैं और कुछ फ़ुटबॉल देखते हैं। ठीक ऐसा ही है मेरी फिल्मों के मामले में। मैं फिल्में बनाता हूं ,पर देखने में बहुत कम समय देता हूं। मुझे हाल की हॉलीवुड फिल्मों की जानकारी भी नहीं है। मैं अपने ही संसार में रहता हूं। वर्क फ्रंट की बात करें तो आमिर खान के प्रोडक्शन की फिल्म ‘एक दिन’ 1 मई को थिएटर्स में रिलीज होगी। इस फिल्म का निर्देशन सुनील पांडे कर रहे हैं और इसमें उनके बेटे जुनैद खान और साई पल्लवी मुख्य भूमिका में हैं। इसके अलावा, आमिर की दूसरी प्रोडक्शन फिल्म ‘लाहौर 1947’ भी पाइपलाइन में है। राजकुमार संतोषी निर्देशित इस फिल्म की पृष्ठभूमि भारत के विभाजन की है और इसमें सनी देओल, प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल और अली फजल जैसे अभिनेता शामिल हैं। यह फिल्म 13 अगस्त को रिलीज होगी।
