इंदौर की 14 स्कूली बच्चियों को सैटेलाइट बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये बच्चियां मिशन शक्ति सेट के अंतर्गत चयनित की गई हैं और उन्हें इसरो द्वारा 120 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के बाद, ये बच्चियां चंद्रयान मिशन 2026 में योगदान देंगी।
