सोमवार को जब 100 से अधिक लोगों को उल्टी-दस्त होने पर अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा तब जाकर मामले की गंभीरता पता चली। उल्टी- दस्त से मंगलवार तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि क्षेत्र में 26 दिसंबर को उल्टी-दस्त से पहली मौत हुई थी, लेकिन जिम्मेदारों की नींद नहीं खुली।
