इजराइल ने गाजा सिटी पर कब्जे के लिए 1.30 लाख सैनिकों को मौर्चे पर तैनात करने का फैसला किया है। इसके लिए वह 60 हजार रिजर्व सैनिकों को ड्यूटी पर बुला रहा है, जिसके लिए आज से आदेश जारी होंगे। सैनिकों को ड्यूटी जॉइन करने से कम से कम 2 हफ्ते पहले नोटिस दिया जाएगा। पहली खेप में 2 सितंबर को करीब 40-50 हजार सैनिक बुलाए जाएंगे। दूसरी खेप नवंबर-दिसंबर में और तीसरी फरवरी-मार्च 2026 में बुलाई जाएगी। गाजा सिटी पर कब्जे के अभियान को गिदोन’स चेरीअट्स-बी नाम दिया गया है। इस दौरान पहले से ड्यूटी कर रहे हजारों रिजर्व सैनिकों की सेवा 30-40 दिन और बढ़ा दी जाएगी। इस कार्रवाई में 5 आर्मी डिवीजन शामिल रहेंगी। इसमें 12 ब्रिगेड-लेवल टीमें होंगी, जिनमें पैदल सेना, टैंक, तोपखाना, इंजीनियरिंग और सपोर्ट यूनिट शामिल होंगी। इसके अलावा गाजा डिवीजन की नॉर्थ और साउथ ब्रिगेड भी हिस्सा लेंगी। इजराइली सेना बोली- गाजा सिटी पर कब्जे की तैयारी शुरू इजराइली सेना ने बताया है कि गाजा सिटी पर कब्जे की तैयारी शुरू हो चुकी है। अभी गाजा सिटी के बाहरी इलाकों में ऑपरेशन चल रहा है। जैतून इलाके में नहल और 7वीं आर्मर्ड ब्रिगेड ऑपरेशन चला रही है। वहीं एक दूसरे इलाके, जबालिया में गिवाती ब्रिगेड कफ्र ऑपरेशन को अंजाम दे रही है। यह अभियान कई स्टेप में चलेगा। सबसे नागरिकों को गाजा सिटी खाली करने का नोटिस मिलेगा। इसके लिए अंतिम तारीख 7 अक्टूबर 2025 तय की गई है। इसके बाद सेना शहर को चारों तरफ से घेरकर अंदर बढ़ेगी। इजराइल ने गाजा सिटी से लगभग 10 लाख लोगों को साउथ गाजा भेजने का प्लान बनाया है। इसके लिए राहत केंद्र, टेंट और फील्ड अस्पताल तैयार किए जा रहे हैं। खान यूनिस में भी यूरोपियन अस्पताल फिर से शुरू किया जाएगा। गाजा के 75% इलाके पर पहले से इजराइल का कंट्रोल इजराइल का मकसद गाजा सिटी में उन इलाकों में घुसना है, जहां हमास के कब्जे में अभी भी कई बंधक होने की आशंका है। ये वो इलाके हैं जहां अब तक इजराइली सेना ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई नहीं की है। इजराइली सेना (IDF) के मुताबिक गाजा पट्टी के लगभग 75% हिस्से पर उसका नियंत्रण है। गाजा सिटी उस 25% इलाके में है, जो IDF के कब्जे में नहीं हैं। हालांकि, अगर इजराइल-हमास के बीच कैदियों की रिहाई और युद्धविराम का समझौता हो जाता है तो यह योजना टल भी सकती है। फिलहाल गाजा में आतंकी गुटों के पास 50 बंधक हैं। इनमें 20 जिंदा माने जा रहे हैं और 28 के मारे सेना ने पुष्टि की है। हमास आधे बंधकों को छोड़ने की शर्त पर सीजफायर को राजी हमास ने गाजा में सीजफायर और इजराइली बंधकों की रिहाई के समझौते पर सहमति जताई है। अमेरिका, मिस्र और कतर की मध्यस्थता के बाद यह प्रस्ताव अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने जून में पेश किया था। इसके तहत शुरुआती 60 दिनों के सीजफायर के दौरान, हमास जिंदा बचे इजराइली कैदियों को दो चरणों में रिहा करेगा। साथ ही स्थायी युद्धविराम पर बातचीत होगी। हालांकि, इसपर अब तक इजराइल की प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे पहले 12 अगस्त को नेतन्याहू ने कहा था कि वह किसी समझौते को तभी स्वीकार करेगा जब सभी बंधकों को एक बार में रिहा कर दिया जाएगा। इजराइल कैबिनेट ने जंग खत्म करने के बदले हमास के सामने 5 प्रमुख शर्तें रखी हैं। इनमें शामिल हैं… नेतन्याहू ने पहले पूरे गाजा पर कब्जे का प्लान बनाया था नेतन्याहू ने इस महीने की शुरुआत में पूरे गाजा पर कब्जे का प्लान बनाया था। इसे बिग गाजा प्लान नाम दिया गया था। हालांकि, उनके प्लान पर सेना से सहमति नहीं बन पाई थी। इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने योजना पर आपत्ति जताई थी। इससे इजराइली राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। जमीर ने चेतावनी दी थी कि गाजा पर कब्जे की कोशिश से वहां बंधक 20 इजराइली नागरिकों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। इसके चलते सिर्फ गाजा सिटी पर ही कब्जे के प्लान को मंजूरी दी गई। गाजा में हर दिन 28 बच्चों की मौत, अब तक 18 हजार बच्चे मारे गए यूनिसेफ ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि इजराइली बमबारी और मानवीय सहायता रोकने के चलते गाजा में हर दिन औसतन 28 फिलिस्तीनी बच्चों की मौत हो रही है। अक्टूबर 2023 से अब तक 18 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। यूनिसेफ ने कहा कि बच्चों की मौतें बमबारी, कुपोषण और सहायता के अभाव से हो रही हैं। हालात इतने भयावह हैं कि बीते 24 घंटे में ही एक बच्चे सहित 8 लोग भुखमरी से मारे गए। अब तक 188 लोगों की भूख से मौत हुई, इनमें 94 बच्चे थे। गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद अभी तक 60,933 लोगों की मौत हुई है और घायलों की संख्या 1.5 लाख पार कर चुकी है। ———————————- गाजा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…. गाजा में अपनी कब्र खोद रहा इजराइली बंधक, VIDEO:अमेरिका के हथियार डालने के दावे पर हमास बोला- आजाद फिलिस्तीनी देश बनने तक लड़ेंगे गाजा में चल रहे युद्ध को लेकर हमास ने शनिवार को कहा है कि वह आजाद फिलिस्तीनी राज्य नहीं बनने तक हथियार नहीं छोड़ेगा। हमास का 2007 से गाजा पर नियंत्रण है। हमास ने कहा कि हम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ की बातों का जवाब दे रहे हैं। विटकॉफ ने कहा था कि हमास हथियार डालने के लिए तैयार है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
