अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के गाजा सीजफायर प्लान में गाजा को बांटने वाली जिस ‘येलो लाइन’ का जिक्र है, इजराइली सेना प्रमुख ऐयाल जमीर ने उसे नई बॉर्डर बताया है। गाजा में तैनात सैनिकों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह लाइन अब इजराइल की ‘सुरक्षा सीमा’ की तरह काम करेगी और सेना इससे पीछे नहीं हटेगी। जमीर ने बताया कि इजराइली सेना अभी भी गाजा के बड़े हिस्से पर कंट्रोल बनाए हुए है। इसमें गाजा की आधी से ज्यादा जमीन, खेती वाले इलाके और मिस्र से जुड़ा महत्वपूर्ण रफा बॉर्डर क्रॉसिंग भी शामिल है। हिंसा और हमले की वजह से ज्यादातर फिलिस्तीनी ये इलाके पहले ही खाली कर चुके हैं। अब लगभग 20 लाख से ज्यादा लोग गाजा के पश्चिमी हिस्से की एक छोटी-सी पट्टी में रहने को मजबूर हैं। गाजा को दो हिस्से में बांटेगा अमेरिका ट्रम्प के सीजफायर प्लान के तहत अमेरिका गाजा पट्टी को दो हिस्सों में बांटेगा। इसके लिए एक लॉन्ग टर्म प्लान बनाया गया है। एक हिस्से पर इंटरनेशनल फोर्स (ISF) और इजराइली सेना का कंट्रोल रहेगा। इसे ग्रीन जोन कहा जाएगा। फिलिस्तीनी आबादी वाले दूसरे हिस्से को फिलहाल खंडहर अवस्था में ही रहने दिया जाएगा। इसे रेड जोन नाम दिया गया है। लगभग सभी फिलिस्तीनी रेड जोन में विस्थापित हो गए हैं। इन दोनों इलाकों के बीच एक ‘यलो लाइन’ खींची गई है। ग्रीन जोन पर इजराइल, रेड जोन पर फिलिस्तीन का कंट्रोल होगा गाजा के पूर्वी हिस्से में ग्रीन जोन बनाया जाएगा। यहां इजराइली सैनिकों के साथ विदेशी सैनिक भी तैनात होंगे। यहां पर री-डेवलपमेंट का काम होगा। अमेरिका यहां तैनात होने वाले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से औपचारिक मंजूरी दिलाने की कोशिश कर रहा है। प्लान के मुताबिक यहां शुरुआत में कुछ सौ सैनिक तैनात होंगे। बाद में इनकी संख्या बढ़ाकर 20,000 तक की जा सकती है। ग्रीन जोन से बाहर जाने की अनुमति किसी विदेशी सेना को नहीं होगी। फिलिस्तीन के नियंत्रण वाली येलो लाइन के पश्चिम का हिस्सा रेड जोन कहलाएगा। यहां कोई री-डेवलमेंट नहीं किया जाएगा। 2 साल की जंग में सबसे ज्यादा नुकसान इसी इलाके को पहुंचा है। यहां लगभग 20 लाख की आबादी फंसी हुई है। इजराइल का फैसला ट्रम्प के सीजफायर के उलट जमीर का यह बयान ट्रम्प के सीजफायर समझौते से उल्टा माना जा रहा है, क्योंकि समझौते में साफ लिखा है कि इजराइल गाजा को न कब्जा करेगा और न ही उसमें अपनी सीमा बढ़ाएगा। ट्रम्प की योजना के मुताबिक, इजराइल को धीरे-धीरे यह इलाका अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों को सौंपना है और आखिर में गाजा से निकल जाना है। लेकिन अभी तक न तो कोई देश इस सुरक्षा बल में शामिल होने को तैयार है, और न ही यह साफ है कि यह प्रोसेस कब शुरू होगी। इस बीच इजराइल ने ‘येलो लाइन’ के पास नई चौकियां बना दी हैं और उसे एक खतरनाक सीमा घोषित कर दिया है। यहां सैनिक किसी भी व्यक्ति को गोली मार सकते हैं, जिसे वे लाइन पार करते हुए देखें। कई बार छोटे बच्चे भी इसका शिकार बने हैं। कुछ जगहों पर यह लाइन असली मैप से काफी आगे बढ़ा दी गई है, जिससे इजराइल का कंट्रोल और फैल गया है। ट्रम्प ने मिस्र में सीजफायर समझौते पर साइन किए थे ट्रम्प ने 13 अक्टूबर को मिस्र के शहर शर्म अल शेख में गाजा शांति समझौते पर साइन किए थे। इस दौरान 20 से ज्यादा देशों के नेता वहां मौजूद थे, लेकिन इजराइल और हमास को नहीं बुलाया गया था। शांति प्रस्ताव पर साइन करने के बाद ट्रम्प ने समझौते का आखिरी पेज प्रेस को दिखाया था। इसपर लिखा था कि हर व्यक्ति को सम्मान, शांति और बराबर मौके मिलने चाहिए। हम चाहते हैं कि यह क्षेत्र ऐसा हो जहां हर कोई शांति और सुरक्षा में अपने सपने पूरे कर सके चाहे वह किसी भी धर्म या नस्ल का हो। ट्रम्प ने गाजा जंग रोकने के लिए एक 20 पाइंट वाला प्लान पेश किया था। ट्रम्प के सीजफायर प्लान के 20 पॉइंट ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि इस प्लान में गाजा में युद्ध रोकना, सभी बंधकों को छोड़ना और गाजा में प्रशासन चलाने के लिए एक अस्थायी बोर्ड बनाने का प्रस्ताव है। ट्रम्प इस बोर्ड की अध्यक्षता करेंगे और इसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर भी होंगे। ———————— यह खबर भी पढ़ें… इजराइल ने सुरंग में फंसे 40 हमास लड़ाकों को मारा:पिछले 9 महीनों से फंसे थे; इजराइल बाहर निकलने नहीं दे रहा इजराइल ने दावा किया है कि उसने सुरंग में फंसे 40 हमास लड़कों को मार दिया है। ये लड़ाके गाजा के दक्षिणी शहर राफा की सुरंगों में मौजूद थे। इजराइली सेना ने रविवार रात बयान जारी कर बताया कि हथियारबंद लड़ाकों को खत्म करने के लिए राफा में मौजूद सुरंगों को नष्ट किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
