बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार को जेल में सरेंडर कर दिया है। यह मामला चेक बाउंस से जुड़ा है, जिसमें उन्हें सजा सुनाई गई थी। दरअसल, यह मामला साल 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए एक प्राइवेट कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली। इसके बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और दिए गए चेक बाउंस हो गए। कंपनी ने निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत केस दर्ज कराया। ट्रायल कोर्ट ने राजपाल यादव को छह महीने की सजा सुनाई थी। बाद में हाई कोर्ट ने सजा पर रोक लगाकर समझौते का मौका दिया। हालांकि, कोर्ट के मुताबिक राजपाल यादव बार-बार अपने वादों पर खरे नहीं उतर पाए। कई बार समय दिया गया, लेकिन भुगतान नहीं हो सका। इसके बाद हाई कोर्ट ने 4 फरवरी 2026 तक सरेंडर करने का आदेश दिया। अतिरिक्त समय की मांग भी खारिज कर दी गई।
