अमेरिका के एपस्टीन सेक्स स्कैंडल के खुलासे का काउंटडाउन शुरू हो गया है। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) कुछ ही देर में कई हजार दस्तावेज जारी करेगा। हालांकि डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने यह भी कहा कि इस सप्ताह सभी दस्तावेज जारी नहीं किए जाएंगे। इसमें कुछ हफ्ते का वक्त और लगेगा। जेफ्री एपस्टीन एक फाइनेंसर और दोषी यौन अपराधी था, जिसकी जेल में मौत हो गई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 18 नवंबर को कानून पर दस्तखत कर एपस्टीन से जुड़े सभी दस्तावेजों को 30 दिन के भीतर जारी करने का आदेश दिया था। 19 दिसंबर तक 30 दिन की समय सीमा पूरी हो जाती है। ऐसे में कई सांसदों ने जस्टिस डिपार्टमेंट के रवैये की आलोचना की है। उनका कहना है कि एपस्टीन से जुड़े सभी फाइलों को 19 दिसंबर को ही जारी किया जाना चाहिए। ऐसा न कर डिपार्टमेंट अपनी जिम्मेदारी से चूक रहा है। न्यूयॉर्क से डेमोक्रेट सीनेटर चक शूमर ने व्हाइट हाउस पर कानून तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प और अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी की आलोचना करते हुए कहा कि वे “सच्चाई छुपाने में जुटी है।” एपस्टीन से जुड़ा क्या-क्या पब्लिक होगा 5 वजहों से कुछ जानकारी छिपा सकती है सरकार फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक कानून में साफ कहा गया है कि किसी भी दस्तावेज को सिर्फ इसलिए नहीं रोका जा सकता क्योंकि उससे किसी को शर्मिंदगी होगी, किसी की छवि खराब होगी या मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील है। यह नियम सभी पर लागू होता है। चाहे वह कोई सरकारी अधिकारी हो, कोई बड़ा नेता हो या कोई विदेशी हस्ती, लेकिन कानून यह भी कहता है कि कुछ खास हालात में दस्तावेजों के कुछ हिस्से छिपाए जा सकते हैं। इसमें 5 चीजें शामिल हैं- 1. दस्तावेजों में पीड़ितों की निजी पहचान संबंधी जानकारी 2. बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री 3. शारीरिक हिंसा को दिखाने वाली सामग्री 4. ऐसी जानकारी जिससे चल रही जांच पर असर पड़े 5. ऐसी जानकारी जो राष्ट्रीय सुरक्षा या विदेश नीति के कारण सीक्रेट रखना जरूरी हो कानूनी छूट का फायदा उठा सकती है ट्रम्प सरकार जानकारी छिपाते समय सरकार को यह साफ-साफ बताना होगा कि कौन-सा हिस्सा क्यों छिपाया गया है। हालांकि ट्रम्प के विरोधियों का मानना है कि प्रशासन इस अपवाद का इस्तेमाल करके कुछ फाइलों को रोक सकता है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने एपस्टीन के संबंधों को लेकर एक नई जांच शुरू की है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, डेमोक्रेट पार्टी के बड़े दानदाता रीड हॉफमैन, अर्थशास्त्री लैरी समर्स और जेपी मॉर्गन चेज जैसे नाम शामिल हैं। चूंकि यह जांच एपस्टीन जुड़े लोगों से रिश्ते पर है, इसलिए सरकार इस जांच का बहाना बनाकर उसके प्रभावशाली दोस्तों से जुड़ी जानकारी छिपा सकती है। CNN के मुताबिक FBI को एपस्टीन के मैनहटन वाले घर से हजारों नग्न या अर्धनग्न युवतियों की तस्वीरें मिली थीं। ये तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की जाएंगी। एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की 68 नई तस्वीरें जारी एपस्टीन सेक्स स्कैंडल से जुड़ी 68 नई तस्वीरें गुरुवार देर रात जारी हुईं। इन तस्वीरों को अमेरिकी संसद की हाउस ओवरसाइट कमेटी के डेमोक्रेट सांसदों ने रिलीज किया। इनमें से दो तस्वीरों में अरबपति बिल गेट्स महिलाओं के साथ नजर आ रहे हैं। हालांकि यह साफ नहीं है कि दोनों महिलाएं एक ही हैं या अलग-अलग। इसके अलावा गूगल बनाने वाले सर्गेई ब्रिन, फिल्ममेकर वुडी एलन, फिलॉस्फर नोम चॉम्स्की और ट्रम्प के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन समेत कई लोग नजर आ रहे हैं। यहां यह साफ कर दें कि इन तस्वीरों का यह मतलब नहीं है कि ये लोग किसी गलत काम में शामिल थे। इसकी जानकारी एपस्टीन फाइल्स के सामने आने के बाद ही आएगी। एपस्टीन केस की पूरी कहानी क्या है इसकी शुरुआत 2005 में तब हुई जब फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को ‘मसाज’ के बहाने बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उस पर सेक्स का दबाव डाला गया। जब उसने घर लौटकर यह बात अपने माता-पिता को बताई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की। तब पहली बार जेफ्री एपस्टीन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं है। धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर ऐसे ही आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस डिपार्टमेंट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई महीनों तक छानबीन की। इसके बाद एपस्टीन के खिलाफ क्रिमिनल जांच शुरू हुई। मामले की जांच से पता चला कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में शानदार विला है। एपस्टीन यहां हाई-प्रोफाइल पार्टियां करता था, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं। एपस्टीन अपने निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ से पार्टियों में कम उम्र की लड़कियां लेकर आता था। वह लड़कियों को पैसों-गहनों का लालच और धमकी देकर मजबूर करता था। इसमें एपस्टीन की गर्लफ्रेंड और पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल उसका साथ देती थी। हालांकि शुरुआती जांच के बाद भी एपस्टीन को लंबे समय तक जेल नहीं हुई। उसका रसूख इतना था कि 2008 में उसे सिर्फ 13 महीने की सजा सुनाई गई, जिसमें वह जेल से बाहर जाकर काम भी कर सकता था। कौन था जेफ्री एपस्टीन? जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।
