इस बीच संतोष का राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति का कुछ वर्ष पुराना प्रकरण भी खुल गया। इसमें उन्होंने पदोन्नति पाने के लिए अपने ऊपर एक महिला द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के मामले में गलत न्यायालयी आदेश प्रस्तुत किए। इन मामलों में उन्हें जेल भी जाना पड़ा और जमानत पर हैं।
