रायपुर नगर पालिक निगम ने प्लेसमेंट के जरिए कार्यरत कर्मचारियों का समय पर वेतन भुगतान नहीं करने पर कड़ा कदम उठाया है। महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर निगम आयुक्त विश्वदीप ने सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से आदेश जारी करते हुए एजेंसी मेसर्स अनशर्यान सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड (अमनपुर, जबलपुर) का ठेका निरस्त कर दिया है। साथ ही एजेंसी द्वारा जमा की गई सुरक्षा निधि की एफडीआर राशि भी राजसात कर ली गई है। निगम के अनुसार, प्लेसमेंट के माध्यम से कार्यरत 57 कंप्यूटर ऑपरेटर और 2 स्टेनोग्राफर को तय समय अवधि में वेतन भुगतान नहीं किया गया। कार्य आदेश के बाद एजेंसी को दिसंबर 2025 का वेतन भुगतान करना था, लेकिन बार-बार पत्राचार के बावजूद आज तक वेतन लंबित रहा। बार-बार नोटिस, फिर भी नहीं हुआ भुगतान
निगम ने अनुबंध की शर्तों के तहत 5 तारीख तक वेतन भुगतान नहीं होने और ईपीएफ-ईएसआईसी से जुड़े चालान प्रस्तुत नहीं करने पर पहले नोटिस जारी किया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दोबारा पत्र भेजा गया। इसके बाद 29 जनवरी 2026 को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि उसी दिन दोपहर 12 बजे तक सभी कर्मचारियों का वेतन भुगतान कर RTGS और ईपीएफ/ईएसआईसी चालान प्रस्तुत किए जाएं, लेकिन एजेंसी ने निर्देशों की अनदेखी की। गलत तथ्य पेश करने का आरोप
एजेंसी ने 30 जनवरी 2026 के पत्र में लेबर लाइसेंस के नाम पर प्रति कर्मचारी 1275 रुपए अतिरिक्त खर्च का हवाला दिया। इस पर निगम ने सहायक श्रम आयुक्त, रायपुर से जानकारी ली। जवाब में स्पष्ट हुआ कि प्रति व्यक्ति 1012 रुपए (प्रतिभूति राशि और लाइसेंस शुल्क) का प्रावधान है और कार्य पूर्ण होने पर सुरक्षा निधि की वापसी का नियम भी मौजूद है। इससे निगम ने एजेंसी पर गलत तथ्य प्रस्तुत करने का आरोप लगाया। निगम का फैसला
निगम प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं देकर और अनावश्यक पत्राचार कर एजेंसी ने निगम का समय बर्बाद किया। इसी कारण 23 सितंबर 2025 को जमा की गई सुरक्षा निधि की एफडीआर राजसात करते हुए एजेंसी का ठेका तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
