कांकेर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार ध्रुव ने 19 जून को जिला जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों की समस्याएं सुनी और शिकायतों का संज्ञान लिया। न्यायाधीश ने जेल प्रशासन को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। जिन बंदियों के पास वकील नहीं हैं, उन्हें नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने को कहा। साथ ही बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के निर्देश दिए। बंदियों को अधिकार दिलाने किया निरीक्षण निरीक्षण का प्रमुख उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाना था। इससे जेल में बंद कैदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सकेगा। न्यायाधीश ने जेल में सुधारात्मक और पुनर्वास कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से चलाने पर भी जोर दिया। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शशांति प्रभु जैन समेत जेल प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
