मंगलवार से गुरुवार तक तीन दिन के कांवड़ यात्रा आयोजन में सात श्रद्धालुओं की मौत के बाद भी अब तक जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई न होना गंभीर सवाल खड़े करता है। यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि जब बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के रोड शो में भगदड़ के बाद आयोजकों पर एफआईआर हो सकती है तो कुबेरेश्वर धाम में सात मौतों के बाद भी पुलिस-प्रशासन मौन क्यों है।
