कोयला घोटाला केस….सौम्या-रानू और सूर्यकांत को SC से रेगुलर जमानत:पहले अंतरिम जमानत पर थे, राज्य से बाहर न जाने की शर्त भी लागू

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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सौम्या चौरसिया, रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी समेत सभी आरोपियों को रेगुलर जमानत दे दी है। इससे पहले ये सभी आरोपी अंतरिम जमानत पर बाहर थे। यह जमानत मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाला बगाची की पीठ से मिली है। कोर्ट ने जमानत देते हुए आरोपियों को राज्य से बाहर रहने जैसी शर्तें भी बरकरार रखी हैं। अंतरिम जमानत के बाद मिली नियमित राहत सौम्या चौरसिया, रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी लंबे समय से अंतरिम जमानत पर थे। अब सुप्रीम कोर्ट से रेगुलर जमानत मिलने के बाद इन आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। वरिष्ठ वकीलों ने रखे पक्ष आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे, हर्षवर्धन परघनीया, शशांक मिश्रा, तुषार गिरी और मुक्त गुप्ता ने कोर्ट में पक्ष रखा। वहीं राज्य शासन की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और अतिरिक्त महाधिवक्ता रवि शर्मा ने पैरवी की। जानिए क्या है 570 करोड़ से ज्यादा का कोल स्कैम ? ED का दावा है कि छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला किया गया है। इस मामले में 36 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। ईडी का आरोप है कि कोयले के परिचालन, ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करने समेत कई तरीकों से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की गई है। ED के अनुसार कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर विश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था। 2 पूर्व मंत्रियों, विधायकों समेत 36 पर FIR छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाले मामले में ED की रिपोर्ट पर ACB /EOW ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 36 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। जिस पर अब ACB-EOW की टीम जांच कर रही है। इस मामले में IAS रानू साहू के अलावा IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया था। सूर्यकांत तिवारी की क्या थी भूमिका ED की जांच के मुताबिक सूर्यकांत तिवारी ने कोयला परिवहन और परमिट प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के जरिए करोड़ों की अवैध वसूली का मास्टरमाइंड माना गया है। आरोप है कि प्रति टन 25 रुपए की दर से वसूली कर रकम उसके कर्मचारियों के जरिए जमा कराई जाती थी, और इसके बदले संबंधित व्यापारियों को खनिज विभाग से परमिट जारी किए जाते थे। ……………………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें IAS ने प्रॉपर्टी…नेताओं ने चुनाव-जेवर में उड़ाए करोड़ों:सौम्या-रानू ने जमीन,चंद्रदेव ने खरीदा हार,देवेंद्र ने इलेक्शन में किए खर्च, पढ़िए कोल-स्कैम का पैसा कहां-कितना निवेश छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला केस में ED की चार्जशीट में एक और खुलासा हुआ है। 570 करोड़ में सबसे ज्यादा फायदा 8 नेताओं और अफसरों को मिला। नेताओं और अफसरों ने कोल स्कैम के पैसों से जमकर प्रॉपर्टी खरीदी। गहने खरीदे और चुनाव में करोड़ों रुपए उड़ाए। पढ़ें पूरी खबर…

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