“खेलां वतन पंजाब दियां” कार्यक्रम ने खेल भागीदारी को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया है। पहले जहां केवल 20–25 हजार खिलाड़ी भाग लेते थे, वहीं अब पांच लाख से अधिक युवक-युवतियां इसमें शामिल हो चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि पंजाब में खेल संस्कृति तेजी से मजबूत हो रही है।
