जानकारी के अनुसार ग्राम मामबर्वे निवासी गिर्राज धाकड़ ने अपने घर में करीब दो दिन पहले गेहूं की बोरियों में सल्फास रखकर गेहूं को सुरक्षित करने का प्रयास किया था। जिस कमरे में गेहूं की यह बोरियां रखीं थीं, उसी कमरे में गिर्राज व उसका परिवार रोजाना सो रहा था। इसी क्रम में पति-पत्नी की हालत फिलहाल तो सामान्य बनी हुई है, लेकिन बेटे-बेटी की मौत हो गई।
