साल 2017-18 में एक CD की वजह से छत्तीसगढ़ में राजनीतिक भूचाल महसूस किया गया। झटके इतने तेज थे कि भाजपा सरकार की नींव हिल गई। 15 साल से काबिज बीजेपी का कमल मुरझा गया और कांग्रेसी पंजे ने सत्ता की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। इस CD में एक अश्लील वीडियो था। पुरुष और महिला के प्राइवेट मोमेंट की क्लिप थी, आदमी के चेहरे की जगह तब के PWD मंत्री राजेश मूणत का चेहरा था। तत्कालीन डॉ रमन सिंह सरकार ने CBI को जांच सौंपी, तब के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल जेल गए। अब 7 साल बाद CBI की विशेष अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सभी सेक्स सीडी कांड के सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट ने मंगलवार 4 मार्च 2025 को कहा है कि बघेल पर कोई केस नहीं बनता। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास में पहले कभी किसी नेता की ऐसी CD नहीं आई थी। अश्लील CD का मामला अब फिर से चर्चा में है। जानिए इस पूरे कांड में कब क्या कुछ घटा? आखिर क्या है छत्तीसगढ़ का सेक्स CD कांड? दरअसल, अक्टूबर 2017 में छत्तीसगढ़ में एक कथित सेक्स सीडी सामने आई थी। इसे कथित रूप से पूर्व मंत्री राजेश मूणत का बताया जा रहा था। शिकायत के बाद पुलिस को दिल्ली में CD बनाने का इनपुट मिला, वहां से तार पत्रकार और कांग्रेस के मीडिया सलाहकार विनोद वर्मा से जुड़े। तब रायपुर के IG रहे प्रदीप गुप्ता ने कहा था कि वर्मा CD बनवा रहे थे, इस दावे के साथ पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। वर्मा भूपेश बघेल के रिश्तेदार भी हैं। सितंबर 2018 में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को भी गिरफ्तार किया गया था। उनपर साजिश रचने का आरोप था। इस बीच केस CBI को दिया गया। CBI ने अपनी जांच के बाद इस कांड में भाजपा के नेता कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा, दुर्ग के कारोबारी विजय भाटिया, दिवंगत कारोबारी रिंकू खनूजा, विजय पांडया पर केस दर्ज किया था। 2018 के बाद कांग्रेस की सरकार छत्तीसगढ़ में बनी, और मामले में आरोपी रहे सीएम बघेल ने CBI को प्रदेश में आने नहीं दिया गया। अब भाजपा की सरकार है तो फिर से इस केस की सुनवाई शुरू हुई है। शिकायतकर्ता कौन है? भाजपा नेता प्रकाश बजाज की शिकायत पर 26 अक्टूबर 2017 को पंडरी थाने में पहला केस दर्ज किया गया। बजाज की दर्ज कराई FIR में ब्लैकमेलिंग का जिक्र है। किसी ने लैंड लाइन से उन्हें फोन पर कहा था कि मेरे पास तुम्हारे आकाओं के अश्लील वीडियो हैं, पैसे दो वर्ना CD बनाकर बांट दूंगा। पुलिस ने नंबर को ट्रेस किया दिल्ली की एक दुकान का इनपुट मिला, यहां CD रिकॉर्डिंग का काम होता था। यहां से वर्मा और फिर दूसरे आरोपियों का लिंक मिलने की बात CBI और पुलिस करती है। जिन पर केस दर्ज है। CBI की थ्योरी क्या है, इतने सालों में क्या पता चला ? CBI ने भाजपा नेता कैलाश मुरारका को मुख्य आरोपी बनाया है। CBI का आरोप है कि कैलाश मुरारका ने श्याम नगर निवासी रिंकू खनूजा और शिवानंद नगर निवासी विजय पांड्या को अश्लील सीडी टेंपर करने के लिए 75 लाख रुपए दिया था। दोनों पैसा लेकर मुंबई गए। वहां फिल्म प्रोड्यूसर मानस साहू से मिले, जो मूलत: ओडिशा का रहने वाला है। वह मुंबई में फिल्म बनाता है। उसे अश्लील वीडियो टेंपर करने के लिए 98 हजार रुपए दिए गए। मुंबई के एक स्टूडियो में वीडियो टेंपर किया गया। मानस साहू अश्लील वीडियो में पूर्व मंत्री का चेहरा लगाया फिर वही टेंपर वीडियो सीडी और पैन ड्राइव में विजय और रिंकू को दिया। उसे लेकर दोनों रायपुर आए। फिर इस वीडियो की आड़ में ब्लैकमेलिंग की कोशिश की। अश्लील सीडी वायरल करने की साजिश के आरोप में पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। तब वो दो सप्ताह जेल में रहने के बाद बाहर आ गए थे। एक कारोबारी ने सुसाइड कर लिया ? इस मामले में सबसे अहम कड़ी श्याम नगर निवासी ऑटो मोबाइल कारोबारी रिंकू खनूजा था। 6 जून 2018 को रिंकू ने खुदकुशी कर ली। खनूजा की मां ने तब मीडिया में आरोप लगाया था कि CBI वाले लगातार पूछताछ कर रिंकू को प्रताड़ित कर रहे थे। CBI ने अपनी जांच में पाया था कि रिंकू खनूजा और विजय पांड्या ने सीडी बनवाई। सीडी कांड के सरकारी गवाह और रिंकू के भाई कारोबारी लवली खनूजा ने भी सीबीआई को बताया है कि 23 अगस्त को रिंकू ने इस संबंध में उनसे संपर्क किया था। SEX-CD कांड का राजनीतिक असर जानकारों का मानना है कि प्रदेश में तब की भाजपा सरकार के प्रति नेगेटिव माहौल बनाने का काम तो इस CD ने किया। लेकिन इसका ये भी मतलब नहीं था कि इसी की वजह से सरकार बदली। दरअसल CD की चर्चा, बघेल का जेल जाना। इन घटनाओं ने उस वक्त कांग्रेस को प्रदेश में सियासी तौर पर चार्ज किया। कार्यकर्ताओं में बघेल की गिरफ्तारी से जोश आया। बघेल ने शुरू के सप्ताह में वकील नहीं किया किसी सेनानी की तरह खुद को इस केस में पेश करने का प्रयास करते दिखे। लेकिन राजेश मूणत इस वीडियो क्लिप मामले से चर्चा में आए, चर्चा नकारात्मक साबित हुई। नतीजे भी मूणत मंशानुरूप नहीं रहे। बहुत ज्यादा नहीं मगर कुछ हद तक CD कांड का राजनीतिक असर हुआ तो था। करीब 6 साल जांच बंद क्यों रही ? सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ सेक्स सीडी कांड में चल रही सुनवाई पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही नोटिस जारी कर CM भूपेश बघेल से पूछा था कि इस मामले को दूसरे राज्य में सुनवाई के लिए क्यों न भेज दिया जाए। इस मामले में शिकायतकर्ता प्रकाश बजाज ने दैनिक भास्कर को बताया कि इस केस में प्रभावशाली लोग आरोपी थे, प्रदेश में कांग्रेस कार्यकाल में हम पर दबाव बनाया जा रहा था कि हम बयान बदलें। इसलिए केस को दूसरी जगह पर शिफ्ट करने की मांग की गई थी। इस बीच सरकार ने प्रदेश में CBI की एंट्री बैन कर दी थी। अब फिर से प्रदेश में आई भाजपा सरकार ने ये प्रतिबंध हटाया है। CBI ने छानबीन शुरू की है, प्रदेश की स्थानीय अदालत में सुनवाई हो रही है। तो अब अब आगे क्या होगा ? केस में कुल 6 आरोपी थे भूपेश बघेल, रिंकू खनूजा, कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पांडया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। CBI की विशेष कोर्ट ने सभी धाराएं हटाते हुए कहा कि, उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई आधार नहीं है। रिंकू खनूजा ने खुदकुशी कर ली थी। बाकी के बचे 4 आरोपियों को लेकर अगली सुनवाई 4 अप्रैल 2025 को होगी। तो अब तक क्या साबित हुआ ? 2018 से जारी इस केस में 2025 तक कुछ भी साबित नहीं हुआ है। कोई जेल में भी नहीं है। CBI की दलीलों पर किसी को सजा या जेल भेजा गया हो ऐसा भी नहीं है। सिर्फ साल 2018 के अंत में कुछ दिन विनोद वर्मा और भूपेश बघेल को जेल भेजा गया था। अब तक ये राज बरकरार है कि CD किसने बनाई? किसने बंटवाई? ————————————– सेक्स सीडी कांड से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सेक्स सीडी कांड…पूर्व CM भूपेश बघेल आरोपों से बरी: CBI की विशेष कोर्ट ने सभी धाराएं हटाई, कहा-मुकदमा चलाने का कोई आधार नहीं छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी कांड केस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। CBI की विशेष कोर्ट ने सभी धाराएं हटाते हुए कहा कि, उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई आधार नहीं है। इसके बाद भूपेश ने X पर सत्यमेव जयते लिखा है। पढ़ें पूरी खबर
