UP News: लखनऊ में एक उपभोक्ता का बिल 1.32 लाख रुपये तक पहुंच गया था। बाद में जब इस बिल की जांच कराई गई तो यह माइनस 131 रुपये निकला। हैरानी वाली बात यह है कि चार साल में मीटर में सिर्फ 800 यूनिट बिजली खर्च हुई थी। बाद में उपभोक्ता ने दैनिक जागरण से संपर्क किया, जिसके बाद उसे समस्या का समाधान मिला।
