थाना प्रभारी चंद्रशेखर श्रीवास ने बताया कि पीड़िता के घर नाबालिग का आना जाना था और वह भी परिवार के सदस्य की तरह था। 13 मई की रात दोनों परिवार के लोग नाबालिग को बालिका के पास देखभाल के लिए छोड़कर बाहर गए हुए थे। इसी दौरान आरोपी ने इस घृणित वारदात को अंजाम दिया।
