छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर के बीजापुर नेशनल पार्क क्षेत्र में जवानों ने 4 महिला नक्सली समेत 6 नक्सलियों को मार गिराया। इनमें नेशनल पार्क एरिया कमेटी चीफ दिलीप वेंडजा भी शामिल है। जवानों ने सभी नक्सलियों के शवों के साथ 2 AK-47 राइफल, एक INSAS राइफल, एक कार्बाइन और एक 303 राइफल बरामद कीं। जानकारी के मुताबिक जिस इलाके में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हुई है, वह खूंखार नक्सली पापाराव का इलाका है। पापाराव नेशनल पार्क क्षेत्र का इंचार्ज है। पापाराव दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का इकलौता सदस्य है। अगर पापाराव मारा गया तो DKSZCM कैडर खत्म हो जाएगा। इन सबके बीच तेलंगाना BJP ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट किया है। दावा किया है कि नक्सली पापा राव मुठभेड़ में मारा गया है। हालांकि छ्त्तीसगढ़ और तेलंगाना पुलिस ने पापा राव के मारे जाने से संबंधित कोई भी जानकारी नहीं दी है। अब सिलसिलेवार पढ़िए नक्सल एनकाउंटर की कहानी दरअसल, 17 जनवरी की सुबह छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर के बीजापुर नेशनल पार्क इलाके में नक्सली लीडर पापाराव के साथ बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद 17 जनवरी को फोर्स को रवाना किया गया था। डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान डीआरजी के जवानों का नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में नेशनल पार्क एरिया कमेटी चीफ दिलीप वेंडजा, एरिया कमेटी मेंबर पालो पोड़ियम, माड़वी कोसा और पीएम जुगलो वंजाम मारे गए। वहीं मुठभेड़ के बाद 18 जनवरी को जवानों की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान 2 और शव मिले। मारे गए नक्सलियों की संख्या 6 हो गई। हालांकि 2 नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस की टीम पहचान करने में जुटी है। डेढ़ साल में 23 बड़े नक्सली मारे गए डेढ़ साल में कुल 23 बड़े नक्सली मारे गए हैं। इनमें सबसे खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा, नक्सल संगठन सचिव बसवाराजू, गणेश उइके सहित 16 बड़े नक्सली शामिल हैं। भूपति, रूपेश और रामधेर जैसे बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ हथियार डाल दिए हैं। अब केवल पोलित ब्यूरो मेंबर देवजी, मिशिर बेसरा और गणपति तीन शीर्ष नक्सली बचे हैं, जो संगठन चला रहे हैं। बस्तर में पापाराव और देवा अपनी जान बचाने के लिए अब भी जंगल में घूम रहे हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। इन टॉप नक्सलियों की तलाश में पुलिस 1 – थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी (61) देवजी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन ने थिप्परी तिरुपति को नक्सल संगठन का महासचिव बनाया है। ये नक्सल संगठन में पोलित ब्यूरो मेंबर भी है। वर्तमान में नक्सल संगठन का सबसे टॉप लीडर यही है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की पुलिस इसकी तलाश में जुटी हुई है। इसपर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित है। 2. मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति (74) गणपति भी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू से पहले ये ही नक्सल संगठन का महासचिव था। हालांकि, बीमारी और बढ़ती उम्र के चलते इसने करीब 4-5 साल पहले ही संगठन के इस सबसे बड़े पद को छोड़ दिया था। जिसके बाद बसवाराजू को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। 3. मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर (62) भास्कर झारखंड का रहने वाला है। वर्तमान में नक्सलियों का पोलित ब्यूरो मेंबर है। साथ ही ERB का इंचार्ज है। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। 4. पापा राव उर्फ मंगू (56) पापाराव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वर्तमान में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZCM) मेंबर है। साथ ही पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है। पापाराव अपने पास AK-47 राइफल रखता है। बस्तर के जल-जंगल जमीन से वाकिफ है, इसलिए कई बार पुलिस की गोलियों से बचकर निकला है। इसी इसने सरेंडर कर दिया या फिर एनकाउंटर में मारा गया तो नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी खत्म हो जाएगी। ………………………………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर एनकाउंटर में 4 नक्सली ढेर:बीजापुर नेशनल पार्क में साथियों संग मारा गया कमेटी चीफ दिलीप, नक्सलियों के शव और हथियार बरामद छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर के बीजापुर नेशनल पार्क क्षेत्र में जवानों ने महिला नक्सली समेत 4 नक्सलियों को मार गिराया। इनमें नेशनल पार्क एरिया कमेटी चीफ दिलीप वेंडजा शामिल है। नक्सली की पहचान नहीं हुई है। जवानों ने एनकाउंटर स्पॉट से सभी के शव और 2 AK-47 बरामद कर लिए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
