छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। दोनों ओर से हुई गोलीबारी में महाराष्ट्र के C-60 कमांडोज ने 3 नक्सलियों को मार गिराया है। मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया, जबकि एक अन्य जवान घायल हुआ है। घायल जवान को एयरलिफ्ट कर अस्पताल लाया गया है। मौके से एक AK-47 और एक SLR राइफल बरामद की गई है। मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है। मुठभेड़ की पुष्टि महाराष्ट्र पुलिस ने की है। यह पूरा मामला महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के भामरागढ़ तहसील क्षेत्र का है। घायल जवान ने अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम 6 फरवरी की सुबह अबूझमाड़ के जंगल में सर्चिंग पर निकली फोर्स की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हो गई। इस दौरान सी-60 के जवान, कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी (38 साल) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हेलीकॉप्टर से भामरागढ़ उप-जिला अस्पताल ले जाने के बाद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ा है। 1 दिन पहले छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर एनकाउंटर एक दिन पहले 5 फरवरी को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सली कमांडर उधम सिंह का एनकाउंटर कर किया था। उधम सिंह साल 2021 में हुए टेकुलगुड़ेम एनकाउंटर में शामिल था। जहां नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हुए थे। इसके साथ ही वह कई वारदातों में शामिल रहा। DVCM उधम सिंह प्लाटून नंबर 30 का कमांडर था और वह जागूरगुंडा एरिया कमेटी का कमांडर भी था। इस पर 8 लाख का इनाम था। 2025 में 232 नक्सली मारे गए बीजापुर एसपी डॉ जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि 2025 में जिले में हुए अलग-अलग मुठभेड़ों में 163 माओवादी को मार गिराने में सुरक्षा बलों को सफलता मिली है। वहीं, साल 2026 में 11 माओवादी ढेर हुए है। इस प्रकार जनवरी 2024 से अब तक जिले में चलाये गये माओवादी विरोधी अभियान में कुल 232 माओवादी मारे गये, 1163 माओवादी गिरफ्तार हुए और 888 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए। इन टॉप नक्सलियों की तलाश में पुलिस 1 – थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी (61) देवजी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन ने थिप्परी तिरुपति को नक्सल संगठन का महासचिव बनाया है। ये नक्सल संगठन में पोलित ब्यूरो मेंबर भी है। वर्तमान में नक्सल संगठन का सबसे टॉप लीडर यही है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की पुलिस इसकी तलाश में जुटी हुई है। इसपर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित है। 2. मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति (74) गणपति भी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू से पहले ये ही नक्सल संगठन का महासचिव था। हालांकि, बीमारी और बढ़ती उम्र के चलते इसने करीब 4-5 साल पहले ही संगठन के इस सबसे बड़े पद को छोड़ दिया था। जिसके बाद बसवाराजू को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। 3. मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर (62) भास्कर झारखंड का रहने वाला है। वर्तमान में नक्सलियों का पोलित ब्यूरो मेंबर है। साथ ही ERB का इंचार्ज है। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। 4. पापा राव उर्फ मंगू (56) पापाराव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वर्तमान में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZCM) मेंबर है। साथ ही पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है। पापाराव अपने पास AK-47 राइफल रखता है। बस्तर के जल-जंगल जमीन से वाकिफ है, इसलिए कई बार पुलिस की गोलियों से बचकर निकला है। इसी इसने सरेंडर कर दिया या फिर एनकाउंटर में मारा गया तो नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी खत्म हो जाएगी।
