छत्तीसगढ़ में बुर्का-नकाब पहनकर नहीं खरीद सकेंगे जेवर:सर्राफा एसोसिएशन ने लगाया प्रतिबंध, घूंघट-हेलमेट भी बैन; 1 करोड़ की लूट के बाद फैसला

0
3

बिहार, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और झारखंड के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी बुर्का, नकाब या घूंघट पहनकर आने वालों को सोने-चांदी की दुकानों में एंट्री नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही हेलमेट पहनकर आने वाले पुरुषों की भी एंट्री बैन की गई है। छत्तीसगढ़ सर्राफा एसोसिएशन ने फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने बिलासपुर में बताया कि गरियाबंद के नवापारा राजिम में ज्वेलरी शॉप में करीब एक करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गई। वारदात से प्रदेशभर के स्वर्णकारों और सर्राफा व्यापारियों में डर का माहौल है। इसी को लेकर फैसला लिया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि मास्क, हेलमेट, बुर्का और नकाब पहनकर दुकान में आना मना है। अगर कोई यह सब पहनकर आता है तो उसे दुकान में एंट्री नहीं मिलेगी। यह कदम किसी समुदाय या वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों की वजह से लूट-डकैती की आशंका छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों की वजह से आने वाले दिनों में चोरी, लूट और डकैती की घटनाएं हो सकती हैं। लूट की घटनाओं में पुलिस घटनास्थल के CCTV फुटेज खंगालती है। उन्होंने बताया कि वारदात में शामिल आरोपी की पहचान नहीं होने से अपराधी पकड़े नहीं जाते हैं। नकाब, घूंघट और हेलमेट पहनकर ज्वेलरी शॉप में एंट्री बंद कर दी गई है। सर्राफा एसोसिएशन के फैसले का सभी व्यवसायी पालन करेंगे। सर्राफा एसोसिएशन ने बुलाई इमरजेंसी बैठक ज्वेलरी शॉप्स में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई थी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने की। इसमें सुरक्षा मानकों पर गहन चर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रमुख पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। पदाधिकारियों में प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी, प्रकाश गोलचा (बिलासपुर), हर्षवर्धन जैन (रायपुर), प्रदीप घोरपोड़े (रायपुर), संजय कुमार कनुगा (रायपुर), उत्तम चंद भंडारी (दुर्ग), पवन अग्रवाल (बिलासपुर), राजू दुग्गड़ (बस्तर) और राजेश सोनी (सरगुजा) शामिल थे। ज्वेलर्स एसोसिएशन को आखिर क्यों लेना पड़ा ये फैसला छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन का दावा है कि बुर्का और नकाब पहनकर ज्वेलरी दुकानों में आने की वजह से क्राइम होने का खतरा है। अगर कोई चोरी या डकैती होती है, तो उसकी वजह से लोगों को पहचाने में दिक्कत होती है। एसोसिएशन का दावा है कि ग्राहक दुकान में प्रवेश करने से पहले अपना चेहरा दिखाकर या पहचान स्पष्ट करके खरीदारी कर सकता है। इसका उद्देश्य सिर्फ सुरक्षा सुनिश्चित करना है। किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं। इससे न केवल दुकानदारों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि बाजार में भी एक सुरक्षित माहौल बनेगा। छत्तीसगढ़ में बुर्का या नकाब पहनकर हुई 2 बड़ी वारदात पहला मामला- अंबिकापुर में चोरी की कोशिश एक महीने पहले अंबिकापुर के व्यस्ततम सदर रोड स्थित जगदंबा आभूषण भंडार में चोरी की कोशिश हुई थी। चोर ने पहचान छुपाने के लिए बुर्का पहन रखा था और दुकान के बगल में स्थित एक निर्माणाधीन भवन के रास्ते भीतर घुसने की कोशिश की। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी ने दुकान से सटे बन रहे भवन का सहारा लिया और दुकान की पहली मंजिल तक पहुंचने में कामयाब रहा। हालांकि, वह मुख्य दुकान तक नहीं पहुंच सका। इस दौरान दुकान के भीतर हुई हलचल और शोर के कारण आसपास के लोगों को भनक लग गई। खुद को घिरता देख चोर मौके से फरार हो गया। दूसरा मामला- सुकमा में 13 लाख की लूट वहीं दूसरा मामला सुकमा जिले का है। यहां ज्वेलरी शॉप से 13 लाख की लूट हो गई। 2 नकाबपोश लुटेरों ने व्यापारी को पिस्टल दिखाई और फिर सोने-चांदी के ज्वेलरी लूट कर ले गए। इसका CCTV वीडियो भी सामने आया है। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। वीडियो में 1 चोर दुकान मालिक पर बंदूक ताने हुए, दूसरा चोर सामान भरते नजर आ रहा है। वहीं, शॉप के सोफे में एक बच्ची भी लेटी हुई थी। जिसे चोरों ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। वहीं, घटना के 3 घंटे बाद ही पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़ लिया है। आरोपियों ने कुल 12 लाख 80 हजार का सामान लूटा था। सवाल- हिजाब, बुर्का, नकाब क्या है, जिसे एसोसिएशन ने ज्वेलरी शॉप्स में बैन किया ? जवाबः हिजाब एक तरह का हेड स्कार्फ होता है, जिससे औरतें अपने बाल, गर्दन और कंधे ढंकती हैं। कुरान के हवाले से जानकार कहते हैं, ‘इस्लाम में महिलाओं के लिए यह जरूरी है कि वे अपना चेहरा, हथेलियां और पैर खुले रखते हुए सिर ढकें। सूरा-ए-नूर के निर्देश को ध्यान में रखते हुए शरीर के बाकी हिस्सों को ढंकना चाहिए। मुस्लिम महिलाएं 3 तरह से चेहरे या शरीर को ढंकती हैं… सवालः क्या मुस्लिम महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य है? संविधान क्या कहता है? जवाबः जानकार कहते हैं, ‘इस्लाम में हिजाब या स्कार्फ पहनना एक जरूरी मजहबी रवायत है, लेकिन अगर कोई स्कार्फ या हिजाब नहीं पहनता है तो यह हराम या गैरकानूनी नहीं है। अगर कोई इस्लाम के हिसाब से अपनी जिंदगी जीना चाहती है, तो उसे ड्रेस कोड पर अमल करना चाहिए। संविधान भी अपने धर्म के पालन का देता है हक… आर्टिकल-25 में धर्म के प्रचार-प्रसार और पालन करने का जिक्र है। इसमें साफ कहा गया है कि देश का हर नागरिक अपने धर्म का पालन, आचरण और प्रचार करने के लिए स्वतंत्र है। इसका मतलब हुआ कि अगर कोई महिला हिजाब या बुर्का पहनकर आती है तो कोई उसे हटा नहीं सकता। 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के प्राइवेट कॉलेज के उस आदेश पर रोक लगा दिया था, जिसमें कहा गया था कि कैंपस में स्टूडेंट हिजाब, टोपी या बैज पहनकर नहीं आ सकते। ……………………………… क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. ज्वेलरी शॉप में 13 लाख के सोने-चांदी की लूट…VIDEO:एक ने पिस्टल तानी, दूसरा गहने भरता रहा; MP से दोस्तों को बुलाकर वारदात, 3 अरेस्ट लूट की वारदात का मुख्य आरोपी सुकमा का रहने वाला अंकित राय (18) है। जिसने मध्यप्रदेश के भिंड के रहने वाले अपने 2 साथी कोमल सिंह (22) और आर्यन रैपुरिया (22) को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया। घटना के पहले आरोपियों ने 3 दिन तक दुकान की रेकी की थी। चोरी के बाद सब एमपी भागने के फिराक में थे। पढ़ें पूरी खबर…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here