छत्तीसगढ़ में 3 महीने में 27 मर्डर:शक-अफेयर में वारदातें, साइकियाट्रिस्ट बोलीं- सोशल मीडिया बड़ी वजह, रिश्तों में झूठ गुस्सा बढ़ाता है

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छत्तीसगढ़ में जनवरी से 8 अप्रैल 2026 के बीच 3 महीनों में 27 हत्या की घटनाएं सामने आई है। रायपुर से लेकर सरगुजा संभाग तक अलग-अलग जिलों में हुई इन घटनाओं में एक समान पैटर्न सामने आया है, जहां रिश्तों में शक, अवैध संबंध और लव ट्रायंगल हत्या की वजह रही। इन घटनाओं में 7 पुरुष और 20 महिलाओं की जान गई है। इन घटनाओं में हत्या के तरीके भी अलग-अलग और कई मामलों में बेहद क्रूर रहे। कहीं धारदार हथियार से गला काटा गया, तो कहीं डंडे और ईंट से पीट-पीटकर हत्या की गई। कुछ मामलों में डुबोकर या चलती ट्रेन से धक्का देकर हत्या की गई, जबकि रायपुर में हत्या को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश भी की गई। मनोवैज्ञानिक डॉ. ईला गुप्ता कहती हैं कि सोशल मीडिया की वजह से बातचीत आसान हुई है। ऐसी घटनाएं अचानक नहीं होतीं, बल्कि इसके पीछे एक प्रक्रिया होती है। लंबे समय तक मानसिक दबाव, झूठ और रिश्तों में उतार-चढ़ाव के कारण व्यक्ति के भीतर गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ता जाता है। इस कारण हत्या जैसी घटनाएं सामने आती है। इस रिपोर्ट में विस्तार से पढ़िए कि कब, कहां और क्यों हुई वारदात? प्यार, शक, धोखे और बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति की मनोवैज्ञानिक ने क्या वजह बताई है… केस 1: शक में पति ने पत्नी और बेटी को मार डाला 1 अप्रैल 2026 को रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र के सेमरिया गांव में एक बर्खास्त पुलिसकर्मी ने अपनी पत्नी और सौतेली बेटी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। आरोपी गुलाब साहू ने वारदात के बाद थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी को अपनी पत्नी के किराएदार के साथ अवैध संबंध होने का शक था। इसी शक के चलते उसने पहले पत्नी लता साहू और फिर सौतेली बेटी चित्रा साहू पर हमला किया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह लंबे समय से इस शक को लेकर तनाव में था। केस 2: पत्नी और प्रेमी ने मिलकर पति को रास्ते से हटाया रायपुर के ही खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम खसेरा में फरवरी 2026 में सामने आए मामले में पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। मृतक किशोर सारथी की पत्नी रोशनी का गांव के ही युवक से प्रेम संबंध था। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों साथ रहना चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने किशोर को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोपियों ने पहले इसे सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की, लेकिन जांच में साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। केस3: शादी के 13 दिन बाद नवविवाहिता की मौत गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर थाना क्षेत्र में 27 मार्च 2026 को एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका नूतन दीवान की शादी महज 13 दिन पहले हुई थी। मायके पक्ष ने पति पर मारपीट और हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक शादी के बाद से ही विवाद शुरू हो गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला उन घटनाओं में शामिल है जहां शादी के शुरुआती दिनों में ही विवाद और हिंसा सामने आई। केस 4 – महासमुंद में पत्नी के प्रेमी को पीट-पीटकर मार डाला महासमुंद जिले के कोसरंगी गांव में 3 फरवरी 2026 को पत्नी के प्रेमी की हत्या कर दी गई। आरोपी पति ने अपने भाई के साथ मिलकर युवक को डंडे और ईंट से पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। राज्यभर में आए ऐसे मामले सामने बीते 3 महीनों में बलौदाबाजार, राजनांदगांव, बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा, रायगढ़, बलरामपुर, सूरजपुर, कांकेर, अंबिकापुर, कबीरधाम और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई समेत कई जिलों में इसी तरह की घटनाएं सामने आईं। बलौदाबाजार में पत्नी ने सुपारी देकर पति की हत्या करवाई, जबकि बलरामपुर में पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाया। सूरजपुर में 2 अलग-अलग मामलों में पति ने पत्नी की हत्या की। रायगढ़ और राजनांदगांव में भी चरित्र संदेह के चलते पत्नियों की हत्या के मामले सामने आए। कोरबा में प्रेमी ने महिला की हत्या कर दी, जबकि कांकेर में युवती को तालाब में डुबोकर मार दिया गया। अंबिकापुर में महिला की हत्या के मामले में प्रेमी पर आरोप लगा है। खैरागढ़ में नाबालिग को ट्रेन से धक्का देकर मारने का मामला सामने आया। पैटर्न- रिश्तों में शक, विवाद और साथ रहने की जिद बनी वजह इन घटनाओं में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि ज्यादातर मामलों में रिश्तों में विवाद ही हत्या की वजह बनी। कई मामलों में पति ने पत्नी के चरित्र पर संदेह के चलते हत्या की, जबकि कई मामलों में पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाया। कुछ घटनाओं में प्रेमी-प्रेमिका के बीच विवाद और साथ रहने को लेकर दबाव भी हत्या तक पहुंच गया। इसके अलावा ऐसे मामले भी सामने आए, जहां पत्नी के प्रेमी को निशाना बनाया गया। कुल मिलाकर अधिकतर मामलों में आरोपी और पीड़ित के बीच पहले से व्यक्तिगत संबंध रहे, जो विवाद में बदलकर हत्या तक पहुंच गए। अवैध संबंध के कारण महिला को अर्धनग्न घुमाया गया इन घटनाओं के अलावा राज्य में अवैध संबंधों को लेकर हिंसा के अन्य मामले भी सामने आए। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में एक महिला ने अपने पति से कथित संबंध के शक में 9वीं की छात्रा के साथ सड़क पर मारपीट की। इसका वीडियो भी सामने आया, जिसमें दोनों के बीच विवाद होते दिखा। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में एक विधवा महिला को अवैध संबंध के आरोप में अर्धनग्न कर गांव में घुमाया गया। महिला के साथ मारपीट की गई और उसके चेहरे पर गोबर पोतने का मामला सामने आया। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। बढ़ते अवैध संबंधों की वजह सोशल मीडिया मनोवैज्ञानिक डॉ. ईला गुप्ता बताती हैं कि अवैध संबंधों का इतिहास पुराना रहा है, लेकिन मौजूदा समय में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के कारण ऐसे रिश्तों की शुरुआत अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है। उनके मुताबिक, अगर किसी पुरुष को कोई महिला या महिला को कोई पुरुष पसंद आता है, तो बातचीत शुरू करना अब बेहद सरल हो गया है। वह बताती हैं कि शुरुआत में बातचीत सामान्य होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत में बदल जाती है। लोग अपनी निजी जिंदगी की बातें शेयर करने लगते हैं और फिर यह रिश्ता भावनात्मक रूप से गहरा होता जाता है। इस दौरान व्यक्ति उस दूसरे इंसान पर मानसिक रूप से निर्भर हो जाता है और कई बार यह भूल जाता है कि वह पहले से शादीशुदा है या उसकी पारिवारिक जिम्मेदारियां हैं। डॉ. गुप्ता के अनुसार, ऐसे रिश्तों में एक खास बात यह होती है कि सामने वाला व्यक्ति आमतौर पर कमियां नहीं निकालता, बल्कि अच्छा व्यवहार करता है, जिससे आकर्षण बढ़ता है। यही वजह है कि लोग ऐसे रिश्तों की ओर खिंचते चले जाते हैं। वे बताती हैं कि अवैध संबंधों का असर केवल दो लोगों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे 2 परिवार प्रभावित होते हैं। कई मामलों में व्यक्ति अपने वैवाहिक संबंध और अवैध संबंध दोनों को साथ लेकर चलने की कोशिश करता है, लेकिन यह संतुलन बनाए रखना संभव नहीं हो पाता। इस दौरान व्यक्ति का ध्यान अपने काम, व्यवसाय या नौकरी से भी भटकने लगता है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक, ऐसे रिश्तों को छिपाने के लिए व्यक्ति लगातार झूठ बोलता है, जिससे मानसिक दबाव बढ़ता जाता है। यह दबाव धीरे-धीरे तनाव और उदासी में बदल जाता है। उनका कहना है कि कई बार अवैध संबंध थ्रिल या नयापन पाने के लिए भी बनाए जाते हैं, क्योंकि लंबे समय तक एक ही रिश्ते में रहने से लोगों को बोरियत महसूस होने लगती है। हत्या अचानक नहीं होती, इसके पीछे पूरी प्रक्रिया डॉ. गुप्ता यह भी बताती हैं कि ऐसे रिश्तों में एक तरह का डर और असुरक्षा भी बनी रहती है। समय के साथ जब तनाव, झूठ और भावनात्मक दबाव बढ़ता है, तो व्यक्ति मानसिक रूप से थकने लगता है। इसी स्थिति में कई बार वह सही-गलत का संतुलन खो देता है। हत्या के मामलों पर डॉ. गुप्ता कहती हैं कि ये घटनाएं अचानक नहीं होतीं, बल्कि इसके पीछे एक प्रक्रिया होती है। लंबे समय तक मानसिक दबाव, झूठ और रिश्तों में उतार-चढ़ाव के कारण व्यक्ति के भीतर गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ता जाता है। कई बार छोटी-सी बात भी उसे ज्यादा बड़ी लगने लगती है और क्षणिक आवेश में वह हिंसक कदम उठा लेता है, जो हत्या जैसी गंभीर घटना में बदल जाता है। ………………………. क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें.. दुर्ग में 3 महीने में सुसाइड के 20 केस:इनमें कांग्रेस प्रवक्ता की भतीजी, ग्राफिक्स डिजाइनर भी शामिल, पढ़ाई, आर्थिक तंगी, पारिवारिक कलह बने कारण
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पिछले करीब 3 महीनों में 20 लोगों ने आत्महत्या की है। अप्रैल के पहले 8 दिनों में ही सुसाइड के 7 मामले सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं में चौथी कक्षा में पढ़ने वाली 10 साल की बच्ची से लेकर 70 साल तक के बुजुर्ग शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर

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