छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉक्टर सलीम राज को पाकिस्तान से फोन पर जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले ने कहा कि तुमको 6 इंच छोटा कर (काट देंगे) देंगे। ऊपर गर्दन से छोटा होना है या नीचे से बता दो। इसके बाद डॉ. सलीम ने आजाद चौक थाने में FIR दर्ज कराई है। डॉक्टर सलीम का कहना है कि, वो ऐसे किसी भी धमकी से डरने वाले नहीं हैं। मैंने जो नियम बनाया, वो देश हित के लिए और सर्वहित के लिए है। सलीम के मुताबिक मस्जिदों में जुमे की नमाज के बाद होने वाली तकरीर के लिए इजाजत वाले निर्देश के बाद धमकी मिली है। धमकी मिली- तुमको 6 इंच छोटा कर देंगे डॉक्टर सलीम राज ने दैनिक भास्कर को बताया कि, वफ्फ बोर्ड के मुतवल्ली को लेकर दिए फैसले के बाद ओवैसी और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने बयान जारी किया था, जिसके बाद से मुझे पाकिस्तान, अफगानिस्तान और केरल से फोन आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस नियम में साफ है कि तकरीर के दौरान राजनीतिक भाषण न हो, जिससे सामाजिक सौहार्द्र और वातावरण बना रहे। हमारे फैसले के बाद 154 मुतवल्ली ने टॉपिक भेजा था, जिसे हमने अप्रूव कर दिया है। वफ्फ बोर्ड को अवगत नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, 17 नवंबर को छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज ने मौखिक निर्देश में कहा था कि, छत्तीसगढ़ की मस्जिदों में जुमे की नमाज (शुक्रवार की नमाज) के बाद होने वाली तकरीर (बातचीत) के टॉपिक के लिए वक्फ बोर्ड की इजाजत लेनी होगी। सलीम राज ने कहा था कि टॉपिक विवादित ना हो, इसलिए छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के सदस्यों ने यह फैसला लिया है। मुतवल्ली (मस्जिद की संपत्ति का प्रबंध करने वाला) इस नियम का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ लीगल एक्शन लिया जाएगा। सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा था अब भाजपाई हमें बताएंगे की दीन क्या है? अब अपने दीन पर चलने के लिए इनसे इजाज़त लेनी होगी? CM साय के मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा ने क्या कहा था मियां वक्फ बोर्ड किसी सरकार के सीधे अधीन नहीं होता। वक्फ बोर्ड में अभी अधिकतर सदस्य कांग्रेस की ओर से नियुक्त किए गए हैं। …………………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… ओवैसी की छत्तीसगढ़ के भाजपाइयों को नसीहत: कहा- हमें ना सिखाएं दीन; वक्फ बोर्ड ने कहा था- तकरीर से पहलें परमिशन लें छत्तीसगढ़ की मस्जिदों में जुमे की नमाज (शुक्रवार की नमाज) के बाद होने वाली तकरीर (बातचीत) के टॉपिक के लिए वक्फ बोर्ड की इजाजत लेनी होगी। टॉपिक विवादित ना हो, इसलिए छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के सदस्यों ने यह निर्णय लिया है। मुतवल्ली (मस्जिद की संपत्ति का प्रबंध करने वाला) इस नियम का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ लीगल एक्शन लिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…
