छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र का 12वां दिन:प्रश्नकाल में सीएम साय समेत मंत्री देंगे जवाब, अनुदान मांगों और विनियोग विधेयक पर भी चर्चा

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छत्तीसगढ़ विधानसट के बजट सत्र का आज 12वां दिन है और सदन की कार्यवाही अहम रहने वाली है। आज प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कई मंत्री विधायकों के सवालों का जवाब देंगे। प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री साय के साथ मंत्री टंकराम वर्मा और केदार कश्यप भी सदन में उठने वाले मुद्दों पर जवाब देंगे। वहीं वित्त मंत्री ओपी चौधरी कार्यवाही के दौरान पत्रों को पटल पर रखेंगे। सदन में आज ध्यानाकर्षण के तहत विधायक कुंवर सिंह निषाद और ललित चंद्राकर अपने मुद्दे उठाएंगे। इसके अलावा विधायक विक्रम मंडावी, लता उसेंडी और उद्देश्वरी पैकरा याचिकाओं की प्रस्तुति देंगे। धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक पर सदन में होगी चर्चा आज की कार्यवाही का सबसे अहम एजेंडा धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक है, जिसे राज्यपाल के वापस लौटाने का कारण उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सदन में बताएंगे। इसके साथ ही मंत्री टंकराम वर्मा और वित्त मंत्री ओपी चौधरी शासकीय विधि विषयक कार्य भी सदन के पटल पर रखेंगे। अनुदान मांगों और विनियोग विधेयक पर भी रहेगा फोकस सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जुड़े विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा भी प्रस्तावित है। वहीं वित्त मंत्री ओपी चौधरी छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक का पुनःस्थापन करेंगे। कुल मिलाकर, आज का दिन विधायी कामकाज और राजनीतिक बहस दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है। कल 3 छात्राओं के गर्भवती का मुद्दा उठा सोमवार को शून्यकाल के दौरान बीजापुर के गंगालूर स्थित पोटा केबिन की 3 छात्राओं के गर्भवती होने का मामला उठा। इस मुद्दे पर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की, लेकिन सरकार के जवाब के बाद आसंदी ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। शिक्षा मंत्री ने बताया कि तीनों स्टूडेंट हॉस्टल में नहीं रहती। मुद्दे पर चर्चा नहीं होने से नाराज विपक्षी विधायकों ने सदन में नारेबाजी करते हुए हंगामा किया और बाद में सदन से बहिष्कार कर दिया। इससे पहले अमानक चावल की खरीदी का मुद्दा सदन में गूंजा। …………………… बजट सत्र से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… विधानसभा में उठा 3 छात्राओं के प्रेग्नेंट होने का मामला: शिक्षा मंत्री बोले- हॉस्टल में नहीं रहती तीनों स्टूडेंट, विपक्ष ने किया सदन का बहिष्कार सदन में सक्ती जिले में धान उठाव नहीं होने का मुद्दा भी उठा। विधायक रामकुमार यादव ने सरकार पर आरोप लगाया कि 17 जनवरी से धान का उठाव रोकने की वजह से किसानों का धान बारिश में खराब हुआ और करोड़ों का नुकसान हुआ। पढ़ें पूरी खबर…

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