याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा कि पदोन्नति के लिए विचार किया जाना कर्मचारी का मूलभूत अधिकार है एवं राज्य शासन कर्मचारी के लिए पर्याप्त पदोन्नति के अवसर सृजित करने के लिए बाध्य है। नए नियम से ट्रेसर का पद समाप्त कर दिया गया है, लिहाजा पदोन्नति का अवसर पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
