मप्र हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा, ‘ये केस तो हमारी और आपकी उम्र से भी पुराना है, अब और देरी नहीं होनी चाहिए।’ कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि अगली तारीख तक आदेशों का पालन नहीं किया गया, तो श्योपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को स्वयं कोर्ट में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना होगा।
