जर्मनी के सभी एयरपोर्ट्स के कर्मचारियों ने एक दिन की हड़ताल बुलाई है। इसकी वजह से सोमवार (भारतीय समयानुसार) को पूरे देश की हवाई यात्रा ठप हो गई है। हड़ताल से पूरे देश में 13 प्रमुख एयरपोर्ट पर 3400 उड़ानें रद्द की गईं , जिनमें फ्रैंकफर्ट और म्यूनिख जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स भी शामिल हैं। इसके चलते 5 लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए हैं। देश की 25 लाख सरकारी कर्मचारियों वाली वेरडी यूनियन ने सैलरी बढ़ाने की मांग लेकर इस हड़ताल का ऐलान किया था। जर्मनी के समय के मुताबिक ये हड़ताल सोमवार से शुरू होनी थी, लेकिन इसे तय समय से एक दिन पहले रविवार को ही शुरू कर दिया गया। इस हड़ताल में पब्लिक डिपार्टमेंट के वर्कर्स, ग्राउंड स्टाफ और सिक्योरिटी गार्ड्स शामिल हैं। इसकी वजह से ज्यादातर जर्मन एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही रुक गई। 6 तस्वीरों में देखिए जर्मनी के एयरपोर्ट्स के हालात… वर्कर्स यूनियन की मांग- सैलरी में 8% इजाफा किया जाए वर्कर्स यूनियन एयरपोर्ट के कर्मचारियों के लिए 8% सैलरी वृद्धि या फिर सैलरी में कम से कम 34 हजार रुपए (350 यूरो) प्रति माह बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पिछले कई महीनों से वर्कर्स यूनियन कर्मचारियों के लिए एक नए समझौते पर बात कर रहा था। इस समझौते के तहत मांग की जा रही थी कि कॉर्पोरेट वर्कर्स की हेल्थ और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए, ज्यादा छुट्टियां दी जाएं, सालाना बोनस में 50% की वृद्धि की जाए और कर्मचारियों के रेगुलर और अनिवार्य मेडिकल टेस्ट के लिए डॉक्टर चुनने की स्वतंत्रता दी जाए। छुट्टियों की वजह से पैसेंजर्स को ज्यादा दिक्कत हैम्बर्ग एयरपोर्ट की प्रवक्ता कैटजा ब्रोम ने कहा- ट्रेड यूनियन का व्यवहार बेईमानी भरा है। सोमवार को एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली 143 फ्लाइट्स को कैंसिल कर दिया गया है। बिना किसी सूचना के यह हड़ताल शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि इस समय देश में छुट्टियों का मौसम चल रहा है, जिस वजह से लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उम्मीद है अब सोमवार शाम से ही एयरपोर्ट पर नॉर्मल ऑपरेशन शुरू होगा। ब्रोम ने कहा कि रविवार का विरोध प्रदर्शन उन हजारों पैसेंजर्स को परेशान करने वाला है जिनका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, वेरडी यूनियन के प्रवक्ता ने कहा कि हम ये मानते हैं इस हड़ताल से काफी लोग प्रभावित होंगे, लेकिन सरकार से बेहतर ऑफर पाने के लिए हमें ये परेशानी खड़ी करनी पड़ी। ———————– हड़ताल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पेरिस की सड़कों पर 5600 टन कचरा जमा:सफाई कर्मचारी रिटायरमेंट एज बढ़ाने के खिलाफ हड़ताल पर, एक हफ्ते से कूड़ा नहीं उठाया फ्रांस में 2023 में सफाईकर्मी हड़ताल पर गए थे। इसकी वजह से पेरिस समेत कई शहरों में जगह-जगह कचरे का अंबार लग गया था। ‘फ्रांस 24’ की रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी पेरिस की सड़कों पर एक हफ्ते में करीब 5,600 टन कचरा जमा हो गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
