जशपुर में 6.55 करोड़ का धान गायब, मास्टरमाइंड गिरफ्तार:प्रबंधक MP से कोरबा तक छिपता रहा,4 अब भी फरार; 20,586 क्विंटल धान कम मिला था

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छत्तीसगढ़ के जशपुर में धान खरीदी केंद्र में हुए 6.55 करोड़ से ज्यादा के धान घोटाला मामले का मुख्य आरोपी और फरार प्रबंधक जयप्रकाश साहू को पकड़ कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को कोरबा जिले से अरेस्ट किया है। यह मामला तुमला थाना क्षेत्र के कोनपारा धान उपार्जन केंद्र का है। पुलिस के मुताबिक जयप्रकाश साहू इस धान घोटाले का मास्टरमाइंड है। FIR दर्ज होने के बाद वह पहले दमोह (मध्यप्रदेश) भाग गया। फिर कोरबा के विकास नगर कुसमुंडा आ गया। यहां वह बार-बार मोबाइल सिम बदल रहा था। इस दौरान वह परिचितों से संपर्क में था। इस प्रकरण में फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव को पुलिस पहले ही 6 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर चुकी है। अब समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू की गिरफ्तारी के बाद अन्य 4 फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पहले देखिए ये तस्वीरें- अब जानिए पूरा मामला दरअसल, 2 जनवरी को छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) जशपुर के नोडल अधिकारी राम कुमार यादव (61) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार धान खरीदी उपकेंद्र कोनपारा में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलीभगत कर धान खरीदी में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की। 20,586 क्विंटल धान गायब मामले की जांच की गई तो सामने आया कि खरीफ वर्ष 2024-25 में कंप्यूटर रिकॉर्ड के अनुसार केंद्र में कुल 1,61,250 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई थी। जबकि मिलों और संग्रहण केंद्रों को केवल 1,40,663.12 क्विंटल धान ही भेजा गया। इस तरह कुल 20,586.88 क्विंटल धान की कमी पाई गई। 6.55 करोड़ रुपए का नुकसान गायब धान की कीमत 3,100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 6 करोड़ 38 लाख 19 हजार 328 रुपए आंकी गई है। इसके अलावा धान की पैकिंग में उपयोग किए गए 4,898 बारदाने (नए-पुराने) की कीमत 17 लाख 7 हजार 651 रुपए बताई गई है। इस प्रकार शासन को कुल 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपए के आर्थिक नुकसान का अनुमान है। 6 आरोपियों पर FIR अपेक्स बैंक जशपुर के नोडल अधिकारी राम कुमार यादव (61) की रिपोर्ट पर समिति स्तर पर पदस्थ 6 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 320, 336, 338 और 61 के तहत केस दर्ज किया गया है। प्राधिकृत अधिकारी (खरीदी केंद्र) भुनेश्वर यादव, समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू, फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र साय, सहायक फड़ प्रभारी अविनाश अवस्थी और उप सहायक फड़ प्रभारी चंद्र कुमार यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। छत्तीसगढ़ में 26 करोड़ से ज्यादा का धान खराब या गायब छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में अब तक 26 करोड़ का धान खराब हो चुका है। कवर्धा जिले में चूहे-दीमक और बारिश से 7 करोड़ का धान खराब हुआ था। जशपुर में 7 करोड़ का धान गायब होने का मामला सामने आया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में साल 2024-25 में खरीदा गया 20,000 क्विंटल धान खराब हो गया है। जिससे शासन को 6 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ है। वहीं, महासमुंद जिले के 5 संग्रहण केन्द्रों में करीब साढ़े 5 करोड़ का धान सूख गया। PCC चीफ बैज ने आरोप लगाया है कि बस्तर में 1.46 लाख क्विंटल धान खराब हुआ है। बस्तर के धान खरीदी केंद्र में दीपक बैज ने 2 मरे हुए चूहे को दिखाते हुए कहा कि ये चूहे बस्तर पहुंचते-पहुंचते मर गए। वहीं, राजधानी रायपुर में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने खाद्य मंत्री को चूहा पकड़ने वाला पिंजरा भी सौंपा है। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि देश को चूहा बनकर 50 साल तक कुतरने वाले और प्रदेश को दीमक की तरह चाटने वाले कौन हैं, ये जनता जानती है। इसलिए कांग्रेसी ये सब प्रोपेगेंडा फैलाना बंद करे। श्रीवास ने कहा कि भूपेश सरकार के समय 33 करोड़ का धान सोसाइटी में रखे-रखे सड़ गया था, जिसका खुलासा हमने किया था। उन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। वर्तमान में सोसाइटी में धान की कमी निःसंदेह गंभीर विषय है। इसके कई कारण है। राज्य सरकार जांच कर रही है। अभी कुछ भी कहना उचित नहीं। रायपुर में खाद्य मंत्री को चूहे पकड़ने वाला पिंजरा दिया छत्तीसगढ़ के कई जिलों में धान खराब होने के मामलों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। 14 जनवरी को पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने राज्य के खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को ‘चूहा पिंजरा जाली’ भेंट करने पहुंचे थे। उनका कहना है कि अगर सरकार के अनुसार धान चूहों और दीमक से खराब हुआ है, तो फिर भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जानी चाहिए। पेंड्रा में 20 हजार क्विंटल धान खराब पेंड्रा में साल 2024-25 में खरीदी के बाद पेंड्रारोड स्थित संग्रहण केंद्रों में लंबे समय तक धान पड़ा रहा। इसे समय पर कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलों तक नहीं पहुंचाया जा सका। अव्यवस्थित भंडारण और खुले में रखे जाने के कारण धान पर नमी, बारिश और अन्य मौसमी प्रभावों का असर पड़ा। इन कारणों से धान पूरी तरह काला पड़ गया और अमानक हो गया। अब इसकी गुणवत्ता इतनी गिर चुकी है कि यह उपयोग के योग्य नहीं रह गया है। किसानों और संबंधित हितधारकों में इस मामले को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते परिवहन, उचित कवरिंग और मिलिंग की व्यवस्था की जाती, तो इस बड़े नुकसान से बचा जा सकता था। प्रशासनिक स्तर पर समयबद्ध उठाव न होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। जिला विपणन अधिकारी हरीश शर्मा ने इस संबंध में सफाई देते हुए कहा है कि कुल 20 हजार क्विंटल में से लगभग 16 हजार क्विंटल धान का डिलीवरी ऑर्डर (DO) कट चुका है और राइस मिलर्स इसे उठाने को तैयार हैं। कवर्धा में चूहे-दीमक, बारिश ने खराब किया धान कवर्धा में चारभांठा और बघर्रा धान खरीदी केंद्र में खरीफ विपणन साल 2024-25 के दौरान MSP में खरीदे गए 26 हजार क्विंटल धान का शॉर्टेज मिला। जांच में इसकी कीमत करीब 7 करोड़ रुपए आंकी गई है। अधिकारियों का दावा है कि 26 हजार क्विंटल धान चूहे, दीमक, कीड़े और मौसम की मार से नष्ट हुआ है। जांच के दौरान दोनों धान खरीदी केंद्रों में फर्जी एंट्री, फर्जी बिल, मजदूरों की फर्जी हाजिरी और CCTV कैमरे से छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं। शिकायत सही पाए जाने के बाद बाजार चारभांठा धान खरीदी केंद्र के प्रभारी प्रीतेश पांडे को हटा दिया गया है। महासमुंद में साढ़े 5 करोड़ का धान सूख गया महासमुंद में करोड़ों रुपए का धान सही समय पर उठाव नहीं होने से सूख चुका है। जिले के पांच धान संग्रहण केंद्रों में धान सूखने की जानकारी सामने आई है, जिससे शासन को करीब साढ़े 5 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। जिले में विपणन वर्ष 2024-25 में 182 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 11 लाख 4 हजार 273 टन से ज्यादा धान खरीदा गया था। धान उपार्जन केन्द्रों से 2 लाख 28 हजार 887.52 टन धान जिले के पांच संग्रहण केन्द्रों महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना, सरायपाली में रखा गया था। धान खरीदी बंद होने के 10 महीने तक धान संग्रहण केंद्रों से जिले के राइस मिलर्स समेत दूसरे जिलों के राइस मिलर्स ने कस्टम मिलिंग की। कस्टम मिलिंग में 8211.64 टन धान का शॉर्टेज आया। जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ………………………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें जशपुर के धान खरीदी केंद्र में 6.55 करोड़ का घोटाला:20,586 क्विंटल धान गायब किया, रिकॉर्ड में की हेराफेरी; 6 पर FIR, फड़ प्रभारी गिरफ्तार छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के धान खरीदी केंद्र में खरीफ विपणन साल 2024-25 के दौरान बड़ी अनियमितता सामने आई है। जहां करीब 6 करोड़ 55 लाख रुपए की आर्थिक गड़बड़ी पाई गई है। जब अपेक्स बैंक के नोडल अधिकारी ने मौके का निरीक्षण किया तो मामले का खुलासा हुआ। पढ़ें पूरी खबर…

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