मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम से लेकर श्रीकृष्ण के काल तक परशुराम जी के पराक्रम और उनके शस्त्रों की महत्ता दिखाई देती है। जब श्रीराम स्वयंवर में पहुंचे तो वहां उन्होंने परशुराम जी का धनुष तोड़ा। इसी प्रकार भगवान श्रीकृ्ष्ण के काल में परशुराम जी के सुदर्शन चक्र की लीला देखने को मिली। उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपना प्रिय सुदर्शन चक्र श्रीकृष्ण को दिया था।
