कानपुर की तंग गलियों से निकलकर देश के आसमान तक पहुंचने की यह दास्तान किसी फिल्म से कम नहीं, लेकिन यह पूरी तरह सच है। कभी टेंपो चलाने और आम जिंदगी जीने वाले श्रवण कुमार विश्वकर्मा अब अपनी खुद की एयरलाइन शुरू करने जा रहे हैं। चलिए आपको इनकरी सक्सेस स्टोरी बताते हैं।
