ट्रम्प सरकार का एक महीना, 16 फैसले:पहले दिन बाइडेन के 78 आदेश पलटे, दुनियाभर में जैसे-को-तैसा टैक्स लगाया; भारतीयों को जंजीरों में डिपोर्ट किया

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अमेरिका में ट्रम्प सरकार का 1 महीना पूरा हो चुका है। 20 जनवरी को राष्ट्रपति बनते ही ट्रम्प ने 100 से ज्यादा एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स पर दस्तखत कर इतिहास बना दिया था। उन्होंने बाइडेन के 78 आदेशों को पलटा था। ट्रम्प ने अगले 30 दिन में कई ऐसे फैसले लेना जारी रखा। उन्होंने दुनियाभर में रेसिप्रोकल (जैसे को तैसा) टैरिफ लगाने का ऐलान किया। वहीं, भारत समेत कई देशों के अवैध अप्रवासियों को हथकड़ियों-जंजीरों में डिपोर्ट किया। स्टोरी में ट्रम्प के ऐसे 16 अहम फैसलों के बारे में जानेंगे जिनका भारत समेत दुनियाभर पर असर पड़ा… 20 जनवरी- पहला दिन 1. बाइडेन के 78 फैसलों को पलटा
शपथ लेने के सिर्फ 6 घंटे के अंदर ही बाइडेन के 78 फैसलों को पलट दिया। इसमें कैपिटल राइट के दोषियों को माफ करने, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सदस्यता से अमेरिका के बाहर निकालने, दवाओं की कीमत कम करने जैसे आदेश शामिल थे। 2. जन्मजात नागरिकता कानून को खत्म करने का आदेश दिया
ट्रम्प ने उन माता-पिता के बच्चों को जन्मजात नागरिकता देने से इनकार करने का आदेश दिया जो अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं या फिर अस्थायी वीजा लेकर रह रहे हैं। उनके इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी गई है। हालांकि ट्रम्प के आदेश में कहा गया है कि यह केवल उन लोगों पर लागू होगा जो इस आदेश की तारीख से 30 दिनों के बाद अमेरिका में जन्मे हैं। इसका मतलब है कि अमेरिका में भारतीयों की आने वाली पीढ़ी इसके दायरे में होगी। 3. गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम बदला
ट्रम्प ने ‘मेक्सिको की खाड़ी’ का नाम बदलकर ‘अमेरिका की खाड़ी’ करने का ऐलान किया। दरअसल, ट्रम्प का मानना है कि इस इलाके में अमेरिका की ज्यादा मौजूदगी है। अमेरिका इस इलाके में सबसे ज्यादा एक्टिविटी करता है, इसलिए ये जगह अमेरिका की है। 21 जनवरी- दूसरा दिन 1. कई देशों से आने वाले रिफ्यूजियों की फ्लाइट कैंसिल की
ट्रम्प ने रिफ्यूजी रिसेटलमेंट प्रोग्राम कैंसिल कर दिया। इससे अलग-अलग देशों में हजारों की संख्या में शरणार्थी फंस गए। इन शरणार्थियों को अमेरिका में शरण की मंजूरी मिल गई थी। 2. H-1B वीजा बंद नहीं करने का ऐलान किया
ट्रम्प ने H1B वीजा बंद नहीं करने की ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को जो टैलेंट चाहिए, वह इस वीजा प्रोग्राम से ही मिल सकता है। अमेरिका को टैलेंट की जरूरत है। हमें सिर्फ इंजीनियर ही नहीं चाहिए, अन्य जॉब्स के लिए भी बेस्ट प्रोफेशनल्स चाहिए। ये अमेरिकियों को ट्रेनिंग भी देंगे। 10 में से 7 H-1B वीजा भारतीयों को ही मिलता है। अमेरिका हर साल 65,000 लोगों को H-1B वीजा देता है। इसकी समय सीमा 3 साल के लिए होती है। जरूरत पड़ने पर इसे 3 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। 23 जनवरी- चौथा दिन जेलों में बंद ट्रांस-विमेन को पुरुषों की जेल में रखे जाने का आदेश दिया ट्रम्प ने राष्ट्रपति बनते ही ऐलान किया था कि देश में सिर्फ दो जेंडर- पुरुष और महिला होंगे। ट्रम्प चुनाव प्रचार के दौरान ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ बयान देते आए थे। राष्ट्रपति बनने के चौथे दिन उन्होंने ऐलान किया कि अब से ट्रांस-विमेन को महिलाओं की जेल में नहीं रखा जाएगा। उन्हें पुरुषों की जेल में शिफ्ट किया जाएगा। इसके साथ ही ट्रम्प ने आदेश दिया कि जेंडर बदलने से जुड़े ट्रीटमेंट को रोक दिया जाएगा। 24 जनवरी- पांचवां दिन दुनियाभर में विदेशी मदद पर रोक ट्रम्प प्रशासन ने इजराइल, मिस्र और फूड प्रोग्राम को छोड़कर विदेशी देशों को मिलने वाली सभी मदद पर 90 दिनों के लिए रोक लगा दी। इस आदेश के बाद दुनियाभर में स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास, रोजगार जुड़े कई प्रोजेक्ट्स के बंद होने का खतरा बढ़ गया है। 25 जनवरी- छठा दिन फिलिस्तीनियों को जॉर्डन और मिस्र में बसाने का प्रस्ताव दिया ट्रम्प ने गाजा से फिलिस्तीनी लोगों को शिफ्ट करके मिस्र, जॉर्डन और अरब देशों में बसाने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि गाजा में लगभग सब कुछ बर्बाद हो चुका है और लोग वहां मर रहे हैं। इसलिए मैं कुछ अरब देशों के साथ मिलकर गाजा के लोगों को किसी और जगह पर बसाना चाहता हूं, जहां वो शांति से रह सकें। 29 जनवरी- 10वां दिन ट्रम्प ने पहला बिल साइन किया ट्रम्प ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बिल लैकेन रिले एक्ट पर साइन किया। यह कानून फेडरल अधिकारियों को उन अवैध अप्रवासियों को हिरासत में लेकर डिपोर्ट करने का अधिकार देता है, जो किसी क्रिमिनल एक्टिविटी में शामिल हैं। ट्रम्प ने कहा कि उनकी सरकार अपराधी अवैध अप्रवासियों को क्यूबा के पास ग्वांतानामो-बे जेल भेजने का प्लान बना रही है। यहां 30 हजार बेड तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। इस जेल को दुनिया की सबसे खतरनाक जेल माना जाता है। 1 फरवरी- 14वां दिन चीन, कनाडा, मेक्सिको पर टैरिफ लगाया ट्रम्प ने 1 फरवरी को कनाडा और मेक्सिको पर 25% और चीन पर एक्स्ट्रा 10% टैरिफ लगा दिया। इसे लेकर उन्होंने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए। हालांकि 4 फरवरी को उन्होंने कनाडा और मेक्सिको पर टैरिफ लगाने का आदेश 30 दिन तक के लिए टाल दिया। 4 फरवरी- 16वां दिन 104 अवैध अप्रवासी भारतीय नागरिकों को मिलिट्री फ्लाइट से भेजा ट्रम्प ने 104 अवैध भारतीय अप्रवासियों को मिलिट्री फ्लाइट से रवाना किया। यह पहली बार हुआ जब अमेरिका ने अप्रवासियों को भेजने के लिए सैन्य विमान का इस्तेमाल किया। 5 फरवरी को जब भारत में फ्लाइट लैंड हुई तो इन लोगों के हाथ में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां लगीं हुईं थीं। इसे लेकर भारत की संसद तक में हंगामा मचा। 6 फरवरी- 18वां दिन 1. इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट पर प्रतिबंध लगाया ट्रम्प ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया। इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ फिलिस्तीन में वॉर क्राइम करने के आरोप में ICC की तरफ से जारी अरेस्ट वारंट के बाद ट्रम्प ने यह कदम उठाया। उन्होंने ICC अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के साथ ही जांच में मदद करने वाले व्यक्ति की संपत्ति जब्त करने और यात्रा पर प्रतिबंध लगाने का आदेश भी दिया। इसका मतलब है कि इन सभी लोगों की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया जाएगा। साथ ही इनके अमेरिका जाने पर रोक रहेगी। वीजा नहीं मिलेगा। 10 फरवरी- 22वां दिन 1. स्टील और एल्यूमीनियम के आयात पर 25% टैरिफ लगाया ट्रम्प ने सभी देशों से स्टील के आयात पर 25% और एल्युमिनियम पर 10% टैरिफ की घोषणा की। इसका असर भारत पर भी असर पड़ेगा। अगर अमेरिका इन धातुओं को खरीदना कम करेगा तो भारत को हर साल अरबों रुपए का नुकसान हो सकता है। ट्रम्प ने 2018 में अपने पहले कार्यकाल में भी राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर स्टील पर 25% और एल्युमिनियम पर 10% टैरिफ लगाया था। 2. विदेशों में भ्रष्टाचार विरोधी कानून स्थगित किया ट्रम्प ने करीब 50 साल पुराने फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेस एक्ट (FCPA) को निलंबित कर दिया। इससे अमेरिकियों के लिए विदेशों में व्यापार के लिए रिश्वत देना अपराध नहीं रहेगा। ट्रम्प के इस फैसले का भारतीय उद्योगपति गौतम अडाणी के मामले पर भी असर पड़ सकता है। अडाणी पर भारत में भारत में रिन्युएबल एनर्जी के प्रोजेक्ट हासिल करने के लिए रिश्वत देने की प्लानिंग का आरोप है। 13 फरवरी- 25वां दिन मोदी से मिलने से दो घंटे पहले दुनियाभर में जैसे को तैसा टैक्स लगाने का ऐलान पीएम मोदी अमेरिका के दौरे पर थे। उनकी ट्रम्प से मुलाकात होने वाली थी। इस मुलाकात के 2 घंटे पहले ट्रम्प ने भारत समेत सभी देशों पर जैसे को तैसा टैरिफ (रेसिप्रोकल टैरिफ) लगाने का ऐलान कर दिया। रेसिप्रोकल टैरिफ यानी जो देश अमेरिकी सामान पर जितना टैरिफ लगाएगा, अमेरिका भी उस देश के सामान पर उतना ही टैरिफ लगाएगा। अगर अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ाया तो इससे नुकसान होगा। भारत अपना 17% से ज्यादा विदेशी व्यापार अमेरिका से करता है। अगर अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगाया तो अमेरिकी बाजारों में भारतीय प्रोडक्ट्स महंगे बिकने लगेंगे। इससे अमेरिकी जनता के बीच इनकी डिमांड कम हो जाएगी। 18 फरवरी- 30वां दिन यूक्रेन जंग को खत्म करने के लिए रूस से रिश्ते सुधारने की पहल ट्रम्प राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रचार के दौरान कहते आए थे कि सत्ता में आते ही वे रूस-यूक्रेन जंग को रोक देंगे। सरकार बनाने के 30 दिन के अंदर अमेरिका ने यूक्रेन जंग रोकने के मकसद से रूस के साथ बैठक की। बैठक सऊदी अरब के रियाद में हुई थी। 4:30 घंटे चली इस बैठक में रूस-अमेरिका ने सबसे पहले अपने आपसी रिश्ते सुधारने की पहल की। इसमें सहमति बनी कि दोनों देश जल्द से जल्द अपने दूतावासों को चालू करेंगे। यहां स्टाफ की भर्ती करेंगे, ताकि दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति न बने। ———————————- ट्रम्प से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने जेलेंस्की को मामूली कॉमेडियन और तानाशाह कहा:बोले- वो बिना चुनाव के राष्ट्रपति; जेलेंस्की ने कहा था- वो गलतफहमी में जी रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। ट्रम्प ने बुधवार को अपने मार-ए-लागो रिसोर्ट में दिए एक बयान में जेलेंस्की को तानाशाह कहा है। इससे दोनों नेताओं के बीच विवाद गहरा गया है। इससे पहले जेलेंस्की ने कहा कि ट्रम्प गलत जानकारी के साथ, गलतफहमी में जी रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… ट्रम्प का भारतीय चुनाव में अमेरिकी फंडिंग पर सवाल:कहा- मोदी के लिए बहुत सम्मान पर 182 करोड़ क्यों दे रहे; वहां बहुत पैसा है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत में मतदान को बढ़ाने के लिए मिलने वाली 182 करोड़ रुपए की फंडिंग पर सवाल उठाए हैं। ट्रम्प ने कहा कि हम भारत को 21 मिलियन अमेरिकी डॉलर क्यों दे रहे हैं? उनके पास बहुत ज्यादा पैसा है। भारत दुनिया के सबसे अधिक टैरिफ लगाने वाले देशों में से एक हैं, खासतौर पर हमारे लिए। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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