छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला अस्पताल में हिंदू-मुस्लिम बच्चा बदलने का मामला सामने आया है। दोनों बच्चे का जन्म 7 मिनट के अंतराल में हुआ। लेकिन स्टाफ की गलती की वजह से कुरैशी परिवार का बच्चा सिंह परिवार के पास चला गया। जब मुस्लिम परिवार को इसका पता चला तो उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की। लेकिन अब हिंदू परिवार ने बच्चे को लौटाने से इनकार कर दिया। मां का कहना है कि, उसे बच्चे से लगाव हो गया है। यह उसी का बच्चा है। वहीं, कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए जांच समिति बना दी है। इसके बावजूद बात नहीं बनी, तो डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। अब जानिए क्या है पूरा मामला 23 जनवरी 2024 को जिला अस्पताल के मदर चाइल्ड वार्ड में दोनों बच्चे का जन्म हुआ था। सिविल सर्जन डॉ. हेमंत साहू के मुताबिक, शबाना कुरैशी पति अल्ताफ कुरैशी ने दोपहर 1.25 बजे बेटे को जन्म दिया। इसके बाद साधना सिंह ने भी दोपहर 1:32 बजे बेटे को जन्म दिया। दोनों बच्चे का जन्म 7 मिनट के अंतर में हुआ। जिला अस्पताल में नवजात शिशुओं की पहचान के लिए जन्म के तुरंत बाद उनके हाथ में मां के नाम का टैग पहनाया गया। दोनों प्रसूताओं की बच्चे के साथ फोटो खींची गई। बच्चों को नहलाने के बाद शबाना का बच्चा साधना और साधना का बच्चा शबाना के पास पहुंच गया। डिस्चार्ज के बाद बच्चा बदलने का पता चला फिर करीब 3 दिन बाद दोनों प्रसूताओं को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। घर जाने के बाद शबाना कुरैशी बच्चे को नहला रही थी, तभी उसने देखा कि बच्चे के हाथ में लगे चिट में बेबी ऑफ साधना लिखा हुआ है। जिससे उसे बच्चा बदलने का शक हुआ। इसकी जानकारी शबाना ने अपने परिवार को दी। उसने बताया कि, जन्म के समय खींची गई तस्वीर से उसके बच्चे का मिलान नहीं हो रहा है। फोटो में साधना के बच्चे के शरीर में बर्थ मार्क था। वहीं, बर्थ मार्क शबाना को दिए गए बच्चे में दिखा। इसके बाद परिजनों ने जिला अस्पताल पहुंचकर मामले की शिकायत की। बच्चे के चेहरे पर तिल का निशान नहीं शबाना कुरैशी के भाई आमिर खान का कहना है कि, जन्म के समय अस्पताल की ओर से मां के साथ बच्चे की फोटो ली जाती है। वो फोटो बाद में परिजनों को दी जाती है। जो फोटो शबाना को दी गई है, उसमें बच्चे के चेहरे में कहीं भी तिल का निशान नहीं है। जबकि उसे जो बच्चा दिया गया, उसके चेहरे पर तिल का निशान है। हिंदू महिला ने बच्चा देने से किया मना वहीं, शिकायत के बाद अस्पताल के स्टाफ ने साधना सिंह से बच्चा बदल जाने की बात कही। लेकिन साधना ने उनकी बात को मानने से इनकार कर दिया। साधना का कहना है कि, जो बच्चा उसके पास है, वही उसका है। वह उसे किसी को नहीं देगी। अब उसे उससे लगाव हो गया। कलेक्टर से शिकायत, बनी जांच समिति इसके बाद मुस्लिम परिवार ने कलेक्टर से शिकायत की। कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने डिप्टी कलेक्टर एम भार्गव के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित की है। जिन्होंने रविवार को अस्पताल के मदर चाइल्ड यूनिट का रिकार्ड खंगाला। जिम्मेदार स्टाफ से पूछताछ की, लेकिन अभी तक मामले का हल नहीं निकला है। मामला उलझा तो होगा डीएनए टेस्ट इधर, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. हेमंत साहू ने मामले की सूचना कोतवाली थाने में दी है। वहीं, शबाना के परिजनों ने भी थाने में शिकायत की है। पुलिस का कहना है कि, अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर जांच चल रही है। दोनों पक्षों को समझाया जाएगा। यदि मामला नहीं सुलझा तो डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। ………………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… पहलाजानी टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में बदला बच्चा: AAP बोली- आरोपियों को बचा रही सरकार, 7 महीने बाद भी दर्ज नहीं हुई FIR छत्तीसगढ़ के पहलाजानी टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में बच्चा बदलने के मामले में आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 7 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। साथ ही सरकार पर भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं नहीं करने और बचाने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर…
