आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने स्वास्थ्य और शिक्षा के व्यवसायीकरण पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पहले स्वास्थ्य और शिक्षा सेवा के रूप में प्रदान की जाती थी, लेकिन अब ये दोनों क्षेत्र व्यावसायिक हो गए हैं और आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गए हैं। उन्होंने सहज और सुलभ चिकित्सा की आवश्यकता पर जोर दिया।
