एशियन आर्चरी चैंपियनशिप से लौट रही भारतीय तीरंदाजी टीम के 11 सदस्य सोमवार रात करीब 10 घंटे तक ढाका में फंसे रहे। इनमें 2 नाबालिग भी थे। उनकी फ्लाइट बार-बार लेट होती रही। इस दौरान उन्हें बिना सुरक्षा के ढाका की हिंसा प्रभावित सड़कों से एक लोकल बस में ले जाया गया और बाद में एक बेहद खराब धर्मशाला में ठहराया गया। अभिषेक वर्मा ने PTI को बताया कि एयरलाइंस ने कोई मदद नहीं की। जिस धर्मशाला में उन्हें ठहराया गया, वहां छह बिस्तरों वाला एक कमरा था और केवल एक गंदा टॉयलेट था, जिसमें नहाना भी मुश्किल था।दल में सीनियर खिलाड़ी अभिषेक वर्मा, ज्योति सुरेखा और ओलिंपियन धीरज बोम्मादेवरा भी थे। वे शनिवार को रात 9.30 बजे दिल्ली के लिए उड़ान पकड़ने ढाका एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन विमान में बैठने के बाद बताया गया कि तकनीकी खराबी के कारण फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकती। 2 फोटो देखिए… 2 GIF देखिए सड़कों पर हिंसा हो रही थी, हमें लोकल बस में बैठाया
अभिषेक वर्मा ने कठिन हालात में टीम को समर्थन न देने के लिए एयरलाइन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा- विमान खराब था और बाहर दंगे चल रहे थे, फिर भी हमें लोकल बस में कैसे भेज दिया गया? अगर हमारे साथ कुछ हो जाता तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता। वर्मा ने आगे कहा, अगर हमें पता भी होता कि सुबह 11 बजे तक नई टिकट मिल जाएगी, तब भी हम एयरपोर्ट पर ही रुकना पसंद करते, क्योंकि एयरलाइन ने हमें किसी भी बात की स्पष्ट पुष्टि नहीं दी थी। कई खिलाड़ियों की फ्लाइट छूटी
अगली सुबह टीम सुबह सात बजे एयरपोर्ट के लिए निकली, लेकिन दिल्ली पहुंचने के बाद भी परेशानी खत्म नहीं हुई। देरी की वजह से कई तीरंदाज हैदराबाद और विजयवाड़ा जाने वाली अपनी कनेक्टिंग फ्लाइट नहीं पकड़ पाए। उन्हें आखिरी समय पर महंगी टिकटें खरीदकर आगे की यात्रा करनी पड़ी। ————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… जर्मनी ने FIFA वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया, स्लोवाकिया को 6-0 से हराया जर्मनी और नीदरलैंड्स ने सोमवार को खेले गए यूरोपीय क्वालिफायर के अंतिम मुकाबलों में बड़ी जीत दर्ज कर 2026 FIFA वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर लिया। जर्मनी ने लीपजिग के रेड बुल एरेना में स्लोवाकिया को 6-0 से हराया। इसके साथ ही टीम लगातार 19वीं बार टूर्नामेंट में जगह बनाने में सफल रही। वहीं, एम्स्टर्डम में नीदरलैंड्स ने लिथुआनिया को 4-0 से मात दी। पढ़ें पूरी खबर
