बॉलीवुड की मशहूर प्लेबैक सिंगर निकिता गांधी शनिवार को भिलाई पहुंचीं, जहां उन्होंने लाइव कॉन्सर्ट में शानदार परफॉर्मेंस देकर ऑडियंस का दिल जीत लिया। उन्होंने एक के बाद एक अपने सुपरहिट गाने गाकर युवाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। ‘राब्ता’, ‘जुगनू’, ‘लट्टू’ और ‘बुर्ज खलीफा’ जैसे सुपरहिट गानों से युवाओं के बीच खास पहचान बनाने वाली निकिता गांधी ने ‘दैनिक भास्कर डिजिटल’ से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपने सफर, एआर रहमान के साथ काम करने के अनुभव और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर खुलकर बात की। निकिता ने कहा कि वे छत्तीसगढ़ी फिल्मों में गाना चाहती हैं, लेकिन अभी तक उन्हें ऐसा मौका नहीं मिला है। मौका मिलने पर वे जरूर छत्तीसगढ़ी गीत गाना चाहेंगी। उन्होंने बताया कि उनका संगीत का सफर किसी सोची-समझी प्लानिंग का हिस्सा नहीं था। वे बंगाल में पली-बढ़ी हैं, जहां संगीत और नृत्य को स्कूली शिक्षा की तरह ही जरूरी माना जाता है। निकिता ने अपने जर्नी के बारे में बताया कि उनके करियर में टर्निंग पॉइंट तब आया, जब उन्हें ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान के साथ काम करने का मौका मिला। रहमान सर के साथ काम करना किसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने जैसा है। उन्होंने आगे कहा कि रहमान सर का विजन बेहद खास है। वे किसी कलाकार के अंदर छिपी उस खूबी को पहचान लेते हैं, जो शायद खुद उस कलाकार को भी नजर नहीं आती। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: आपकी यह जर्नी कैसे और कहां से शुरू हुई? जवाब: संगीत से लगाव तो बचपन से ही था। मैं बंगाल में पली-बढ़ी हूं, वहां तो डांस और म्यूजिक स्कूल की तरह बचपन से ही सिखाते हैं। मुझे यह अच्छा लगता था और मैं इसे अपने दिल की खुशी के लिए करती थी। कभी सोचा नहीं था कि फिल्मों में गाऊंगी, फिर कॉलेज में डेंटिस्ट्री की और उसके साथ-साथ म्यूजिक भी करती रही। धीरे-धीरे फिल्मों में गाने लगी। रहमान सर के साथ तमिल फिल्मों से मेरा करियर शुरू हुआ और फिर बॉलीवुड तक पहुंची। यह एक बहुत ही अजीब कहानी है, क्योंकि मैंने इसे बतौर प्रोफेशन कभी नहीं सोचा था, लेकिन अब जब यह कर रही हूं तो कुछ और सोच भी नहीं सकती। सवाल: एआर रहमान के साथ आपने क्या सीखा? जवाब: सबसे खास बात यह सीखी कि इंसान हमेशा खुद को नए तरीके से हैरान कर सकता है। एआर रहमान एक ऐसे इंसान हैं, जो दूसरों में वह खूबियां पहचान लेते हैं, जो शायद उन्हें खुद में भी नजर नहीं आतीं। यह उनकी बहुत ही सुंदर क्वालिटी है और मैं चाहती हूं कि मैं भी लोगों में वही देख पाऊं। सवाल: आपने कई भाषाओं में गाना गाया है। क्या छत्तीसगढ़ी भाषा में भी आपका कोई गाना आने वाला है? जवाब: आप सब मुझसे यह पूछ रहे हैं, लेकिन कोई मुझे गाना नहीं दे रहा। सिर्फ पूछे ही जा रहे हैं। बिल्कुल, मैं आपकी भाषा में क्यों नहीं गाऊंगी। सवाल: छत्तीसगढ़ के बारे में आप क्या कहना चाहेंगी? जवाब: वह तो आपको मुझे बताना होगा, मुझे छत्तीसगढ़ के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है। मैं आज सुबह ही आई हूं। अक्सर शो के लिए हम एक दिन आते हैं और अगले दिन चले जाते हैं। अगर आप लोग मुझे यहां घुमाएंगे तो अगली बार मैं आपको छत्तीसगढ़ के बारे में कुछ बता पाऊंगी। सवाल: बॉलीवुड सिंगिंग और इंडिपेंडेंट सिंगिंग में क्या अंतर है? इनमें से बेहतर विकल्प कौन सा है? जवाब: ऐसा कोई बेस्ट ऑप्शन नहीं है। हर किसी की जर्नी अलग होती है। बहुत से आर्टिस्ट रियलिटी शोज से आते हैं, लेकिन मैंने वह दुनिया नहीं देखी, जैसा कि मैंने बताया मैं कुछ और कर रही थी और फिर संगीत में आ गई। हर किसी का सफर अलग होता है और कोई भी चीज दूसरी से बेहतर नहीं है। सवाल: आने वाले समय में निकिता गांधी की तरफ से कौन से नए गाने मिलने वाले हैं? जवाब: अभी जो नया गाना आया है, आप उसका आनंद लीजिए। लाइन में बहुत सारे गाने हैं। कब क्या आएगा, यह कहना मुश्किल है। लेकिन जैसा कि आपने इंडिपेंडेंट म्यूजिक के बारे में पूछा, तो मैंने खुद भी बहुत सारे गाने कंपोज किए हैं और अन्य आर्टिस्ट्स के साथ भी काम किया है, जो आपको जल्द ही सुनने को मिलेंगे। छत्तीसगढ़ी फिल्मों में गाने की इच्छा निखिता गांधी रूंगटा यूनिवर्सिटी के टेक-फेस्ट ‘व्योम’ की सेलिब्रिटी नाइट में शामिल होने भिलाई पहुंचीं थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ को करीब से जानने की काफी इच्छा है, लेकिन व्यस्त शेड्यूल के कारण वे ज्यादा समय नहीं दे पा रही हैं। उन्होंने बताया कि वे छत्तीसगढ़ी फिल्मों में गाना चाहती हैं, हालांकि अब तक उन्हें ऐसा कोई मौका नहीं मिला है। अगर छत्तीसगढ़ी गानों का ऑफर मिलता है, तो वे जरूर गाना पसंद करेंगी। इंटरव्यू के लास्ट में उन्होंने छत्तीसगढ़ के उभरते कलाकारों को संदेश देते हुए कहा कि अपनी जड़ों से जुड़े रहें और अपनी कला के प्रति हमेशा ईमानदार रहें। ……………….. ये इंटरव्यू भी पढ़ें… कृष्णा बोले- लोगों का प्यार जिंदगी को बेहतर बनाता है:कहा-धर्मेंद्र पाजी की मिमिक्री फेवरेट, क्रॉस जेंडर एक्टिंग में चीजें फेल हुईं, हंसकर सुधार किया मशहूर कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक का कहना है कि उनके लिए हर कैरेक्टर अपने आप में एक नया चैलेंज होता है। खासकर क्रॉस-जेंडर एक्टिंग के दौरान कई बार चीजें उम्मीद के मुताबिक नहीं चलतीं, लेकिन वे उन गलतियों से सीखते हैं और हंसी-मजाक के जरिए उन्हें सुधारते रहते हैं। लोगों का प्यार जिंदगी को बेहतर बनाता है। पढ़ें पूरी खबर…
