छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के नगपुरा गांव में कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा की शिवमहापुराण कथा चल रही है। 1.15 करोड़ रुपए में टेंट-डोम लगाने की बात हुई थी, लेकिन समिति की तरफ से अभी तक 25-30 लाख रुपए ही दिया गया है। जिससे चलते शनिवार को आयोजन समिति और टेंट हाउस संचालक के बीच पैसों को लेकर विवाद हो गया। जिसके चलते टेंट संचालक ने पंडाल उखाड़ने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने ऐसा होने नहीं दिया। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि, कथा शुरू होने के बाद किसी भी हालत में टेंट नहीं हटाया जाएगा, क्योंकि इससे भगदड़ जैसी गंभीर स्थिति बन सकती है। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश दी और फिलहाल टेंट हटाने पर रोक लगा दी। कथा अभी जारी है। देखिए घटना स्थल की तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा विवाद ? दरअसल, यह शिव महापुराण कथा 17 से 21 दिसंबर तक नागपुर में हो रही है, जिसमें रोज़ाना हजारों भक्त आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि, आयोजन समिति और टेंट हाउस संचालक के बीच रोजाना रात में पैसों को लेकर विवाद की स्थिति बन रही है। शुक्रवार की रात भी इसी तरह डोम उखाड़ने को लेकर बात हुई। बाद में इसे किसी तरह रोक लिया गया। वहीं, शनिवार को सुबह से ही समिति और टेंट हाउस संचालक के बीच पैसों को लेकर फिर विवाद हुआ। जिसके बाद टेंट हाउस वाले डोम उखाड़ने पहुंच गए। इस दौरान मौके पर तैनात एएसपी पद्मश्री, हेम प्रकाश नायक ने मोर्चा संभाला और टेंट उखाड़ने से रोक दिया। छोटी-मोटी बात होते रहती है- आयोजन समिति इस मामले में आयोजन समिति की सदस्य प्रिया साहू ने विवाद को मामूली बताते हुए कहा कि, बड़े आयोजनों में व्यवस्थाओं को लेकर छोटी-मोटी बातें हो जाती हैं। पंडाल उखाड़ने जैसी कोई बात नहीं है और कथा का आयोजन सुचारू रूप से चल रहा है। पूर्व सरपंच बोले- समय-समय पर कर रहे भुगतान आयोजन समिति के पदाधिकारी और नगपुरा के पूर्व सरपंच भूपेंद्र रिगरी ने कहा कि, टेंट संचालक नरेंद्र को समय-समय पर भुगतान किया जा रहा है। आयोजन समिति में 10 से 12 लोग शामिल हैं। रोजाना पेमेंट दी जा रही है। किसी तरह की लिखित डाक्यूमेंटेशन जरूर नहीं हुई है, लेकिन टेंट हटाने का सवाल ही नहीं उठता। विवाद को सुलझाया जा रहा है। टेंट संचालक बोला- विवाद के कारण उखाड़ रहा था टेंट नागपुर के कर्मा टेंट हाउस के संचालक नरेंद्र कुमार साहू ने कहा कि, हमारा कुछ विवाद हो गया था, इसलिए हम टेंट उखाड़ रहे थे। अब समिति से बातचीत हो गई है और विवाद सुलझ गया है। रात में भुगतान को लेकर विवाद हुआ था, जो सुबह खत्म हो गया। नरेंद्र कुमार के अनुसार, कुल सवा करोड़ रुपए में काम की बातचीत हुई थी, लेकिन अब तक उन्हें 25 से 30 लाख रुपए ही मिले हैं। बाकी भुगतान शाम 4 से 5 बजे तक देने की बात कही गई है। भुगतान की कमी की वजह से कम लगा टेंट नरेंद्र कुमार साहू ने बताया कि, भुगतान की दिक्कत के चलते ट्रांसपोर्ट का खर्च भी नहीं निकल पा रहा था। इसलिए टेंट को करीब 15 प्रतिशत छोटा कर दिया गया है। आयोजन समिति की ओर से रोजाना 2 से 3 लाख रुपए का भुगतान किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में कथा का आयोजन शांतिपूर्वक जारी है। दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवाद सुलझने का दावा किया जा रहा है।
