सहकारिता विभाग के तत्कालीन संयुक्त पंजीयक सुनील तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने पहली पत्नी के जीवित रहते बिना सरकारी अनुमति के दूसरा विवाह किया और उससे एक संतान भी उत्पन्न की। इस मामले की गई शिकायत में तिवारी को तत्काल निलंबित करने और विभागीय जांच करने की मांग की गई थी।
