पाकिस्तानी सोशल मीडिया स्टार को घर में घुसकर मारी गोली:आरोपी 10वीं फेल, लव प्रपोजल ठुकराना बर्दाश्त नहीं कर पाया

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22 जून 2025 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सना यूसुफ के घर के आसपास एक शख्स कई दिनों से संदिग्ध तरीके से घूमता दिखाई दे रहा था। उसकी हरकतों से साफ लग रहा था कि वह किसी मौके की तलाश में है, ताकि सना के घर में घुस सके। और आखिरकार, उसे मौका मिल ही गया। जैसे ही उसे अवसर मिला, वह घर के अंदर घुस गया और सीढ़ियां चढ़कर सीधे सना के कमरे तक पहुंच गया। कमरे में उसे देखकर सना घबरा गईं। उन्होंने घबराहट में कहा, “तुम यहां कैसे आए? माहौल को शांत करने की कोशिश में उन्होंने कहा, “बैठो… मैं पानी लेकर आती हूं। तुम बहुत गुस्से में हो, पहले शांत हो जाओ। उनकी बातों से साफ लग रहा था कि वह किसी तरह स्थिति को संभालना चाहती थीं। लेकिन उस शख्स ने गुस्से में जवाब दिया, तुम मुझसे मिलने क्यों नहीं आई? इतना कहते ही उसने सना पर दो गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल सना की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह उनका फोन लेकर वहां से फरार हो गया। अब सवाल यह उठता है कि आखिर वह शख्स कौन था? और उसने सना को क्यों निशाना बनाया? जानिए अनसुनी दास्तानें के चैप्टर 3 में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सना यूसुफ की मौत की पूरी और दर्दनाक कहानी। खूबसूरती, शोहरत और सोशल मीडिया सना यूसुफ का जन्म 29 मई 2008 को पाकिस्तान में हुआ था। वह खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अपर चित्राल में रहती थीं। उनके पिता का नाम सैयद यूसुफ हसन शाह है, जो अपर चित्राल के रहने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। सना बचपन से ही बेहद खूबसूरत थीं। उन्हें मनोरंजन और सोशल मीडिया में खास रुचि थी। जब सना 14 साल की हुईं, तब उन्होंने सोशल मीडिया का इस्तेमाल शुरू किया। शुरुआत में वह अपनी तस्वीरें पोस्ट करती थीं। उनकी खूबसूरती की वजह से उनकी तस्वीरों को काफी पसंद किया जाने लगा। धीरे-धीरे उन्होंने चितराली संस्कृति, पारंपरिक कपड़ों और स्थानीय जीवन से जुड़े कंटेंट शेयर करना शुरू किया। उनका कंटेंट लोगों को पसंद आने लगा, क्योंकि एक ओर वह अपनी संस्कृति को गर्व से प्रस्तुत करती थीं और दूसरी ओर लड़कियों की शिक्षा और मजह 17 साल की उम्र में वह महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर खुलकर बात करती थीं। खास बात यह थी कि जैसे ही सना ने सोशल मीडिया पर अपनी दूसरी वीडियो डाली, वह वायरल हो गईं। इससे वह बेहद खुश थीं। सना अक्सर कहती थीं, “मैं खुद तो खुश रहना चाहती हूं, लेकिन दूसरों को भी खुश देखना चाहती हूं।” वह डॉक्टर बनना चाहती थीं, ताकि लोगों की सेवा कर सकें। हालांकि उनकी वीडियो लगातार वायरल होने लगीं और वह सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बन गईं। धीरे-धीरे उनकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि फैंस के साथ-साथ उन्हें कई ब्रांड्स के ऑफर भी मिलने लगे। बड़ी बात यह थी कि सना ने कभी भी फेमस होने के लिए ऐसा कोई कंटेंट नहीं बनाया, जिससे किसी की भावनाएं आहत हों। सना न सिर्फ दिखने में खूबसूरत थीं, बल्कि उनके बोलने के अंदाज को भी लोग काफी पसंद करते थे। कोई उनकी तुलना पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर से करता था, तो कोई बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा से। कम उम्र में ही सना अपनी जिंदगी के एक बेहतरीन मुकाम पर पहुंच गई थीं। लेकिन सना को यह नहीं पता था कि जिस सोशल मीडिया के जरिए उन्हें शोहरत मिल रही थी, आगे चलकर वही उनकी मौत का कारण भी बन जाएगा। एकतरफा प्यार, इंकार और खौफनाक अंजाम इसी दौरान सना की जिंदगी में एक शख्स की एंट्री हुई, जिसे लोग काका के नाम से जानते थे। यह व्यक्ति न तो उनका कोई रिश्तेदार था, न बॉयफ्रेंड और न ही उनका कोई निजी संबंध था। दोनों के बीच शुरुआत में सिर्फ प्रोफेशनल काम की बात हुई थी। अब बात करते हैं कि आखिर यह काका कौन था। दरअसल, काका खुद टिकटॉक पर फेमस होना चाहता था। वह चाहता था कि उसकी भी बड़ी फैन फॉलोइंग हो, उसे ब्रांड्स के ऑफर मिलें और वह खूब पैसा कमाए। इसी चाह में वह पूरी तरह सोशल मीडिया की दुनिया में डूब चुका था। बताया जाता है कि उसके पिता को जो भी पेंशन मिलती थी, वह उसका बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया पर खर्च कर देता था। जैसे मॉडल्स के साथ ब्रांड शूट करवाना और फोटोशूट कराना। हालांकि, इन सब कोशिशों के बावजूद उसे कोई खास सफलता नहीं मिल रही थी, लेकिन वह लगातार कोशिश करता रहा। इसी बीच एक रात वह इंस्टाग्राम स्क्रॉल करते हुए अपने लिए किसी नई मॉडल की तलाश कर रहा था। तभी उसकी नजर एक 17 साल की मासूम और बेहद खूबसूरत लड़की पर पड़ी वह लड़की और कोई नहीं सना यूसुफ थीं। काका ने तुरंत सना को मैसेज किया और दोनों के बीच काम को लेकर बातचीत शुरू हुई। हालांकि, काका ने कभी साफ तौर पर यह नहीं बताया कि किस ब्रांड के लिए या किस तरह का शूट करवाना है। सना की तस्वीरें देखने के बाद वह उनके प्रति आकर्षित हो गया। धीरे-धीरे यह आकर्षण एकतरफा लगाव में बदल गया। काका सना के प्रति दीवाना होता जा रहा था। उसे कोई शूट नहीं करवाना था, बल्कि वह उनसे शादी करने का सपना देखने लगा। उसकी दीवानगी बढ़ती चली गई और वह हर हाल में सना को पाना चाहता था। काका ने कभी सना को अपने बारे में कुछ नहीं बताया। उसके सामने वो ऐसी बातें करता जैसे वह किसी अमीर परिवार से ताल्लुख रखता हो। कई बार यह दावा किया गया कि दोनों की मुलाकातें भी होती थीं। लेकिन सना के वकील ने साफ किया कि दोनों की कभी कोई मुलाकात नहीं हुई। समय के साथ सना को समझ आ गया कि काका किसी बड़े ब्रांड से जुड़ा प्रोफेशनल व्यक्ति नहीं है। वह न तो कोई असली ब्रांड शूट करता था और न ही उसका करियर वैसा था जैसा वह दिखाता था। बताया जाता है कि वह दसवीं कक्षा में फेल हो चुका था और अपने पिता की पेंशन का पैसा सोशल मीडिया पर खर्च करता था। यह सब जानने के बाद सना ने उससे दूरी बना ली। जब काका इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजता, तो सना पहले की तरह जवाब नहीं देती थीं। उन्होंने उसे पूरी तरह नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। लेकिन काका ने हार नहीं मानी। उसने दोबारा कोशिश की और सीधे सना से शादी के लिए पूछ लिया। इतना ही नहीं, उसने धमकी दी कि अगर सना ने शादी के लिए हां नहीं कहा तो वह उन्हें गोली मार देगा। सना ने शुरुआत में उसकी इस धमकी को गंभीरता से नहीं लिया। 29 मई को सना का जन्मदिन था। वह बेहद खुश थीं। हर साल की तरह इस बार भी उन्होंने अपना जन्मदिन धूमधाम से मनाया। उधर काका उनसे मिलना चाहता था। वह अपने घर से एक बड़ी कार किराए पर लेकर निकला, लेकिन सना ने मिलने से मना कर दिया। काका की हरकतों से सना अब डरने लगी थीं। बाहर से वह जन्मदिन मना रही थीं, लेकिन मन में काका का डर था। जैसे ही सना ने मिलने से इनकार किया, काका गुस्से से बेकाबू हो गया। यही वह पल था जब उसका एकतरफा लगाव नफरत में बदल गया। वह लगातार सना को धमकियां देने लगा। सना समझ नहीं पा रही थीं कि क्या करें। डर के कारण उन्होंने आखिरकार उससे मिलने के लिए हामी भर दी। रेकी, हत्या और 48 घंटे में गिरफ्तारी 2 जून 2025 को दोनों के मिलने की बात तय हुई। काका सना से मिलने के लिए इतना उतावला था कि सुबह 5 बजे ही इस्लामाबाद पहुंच गया। इस बार वह अपने साथ बंदूक लेकर आया था। उसने मन बना लिया था कि अगर सना उससे नहीं मिलीं तो वह उन्हें नुकसान पहुंचाएगा। सुबह 5 बजे से शाम 4 बजे तक वह इस्लामाबाद की सड़कों पर घूमता रहा। बाद में सना ने एक बार फिर मिलने से मना कर दिया। इसके बाद काका सेक्टर G-13 में सना के घर के आसपास घूमने लगा। सना अपने पिता और बुआ के साथ पहली मंजिल पर रहती थीं, जबकि नीचे उनके रिश्तेदार रहते थे। घर में लोगों का आना-जाना रहता था, इसलिए दरवाजा अक्सर खुला रहता था। मौका मिलते ही शाम करीब 5 बजे काका घर के अंदर घुस गया और सीधे सना के कमरे तक पहुंच गया। काका को कमरे में देखकर सना हैरान रह गईं। उन्होंने धीमी आवाज में पूछा, तुम यहां कैसे आए? लेकिन काका गुस्से में था। वह बस यह जानना चाहता था कि सना ने उससे मिलने से इनकार क्यों किया। सना ने माहौल शांत करने की कोशिश की और कहा, तुम बहुत गुस्से में हो, बैठो, मैं पानी लेकर आती हूं। लेकिन काका ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। उसने पिस्तौल निकाली और सना पर गोली चला दी। बताया जाता है कि उसने दो गोलियां मारीं। इसके बाद वह उनका फोन लेकर सीढ़ियों से नीचे भागा। इस दौरान सना की मां और बुआ ने उसे देख लिया। काका ने उन पर भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन बंदूक नहीं चली। इसके बाद वह वहां से भाग गया और फैसलाबाद पहुंच गया। काका ने सना के फोन से अपनी और उनकी चैट डिलीट करने की कोशिश की, ताकि सबूत मिटा सके। हालांकि, पुलिस ने जांच शुरू की और 48 घंटों के भीतर उसे फैसलाबाद से गिरफ्तार कर लिया।

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