पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, कई लोगों की मौत:TTP के सात कैंपों को निशाना बनाया; PAK बोला- आत्मघाती हमलों का बदला लिया

0
2

पाकिस्तान की सेना ने रविवार तड़के अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की। अल-जजीरा के मुताबिक सेना ने दावा किया कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इस्लामिक स्टेट से जुड़े सात कैंपों और ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसमें कई लोगों की मौत की खबर है। सरकार ने इसे हालिया आत्मघाती हमलों के बाद जवाबी अटैक बताया। पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई इंटेलिजेंस बेस्ड और चयनात्मक ऑपरेशन था। पाकिस्तान ने कहा कि उसके पास पुख्ता सबूत हैं कि हमले अफगानिस्तान की जमीन से संचालित नेटवर्क ने कराए। एयर स्ट्राइक से कुछ घंटे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में सुरक्षा काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें दो सैनिक, जिनमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी मारे गए। सोमवार को बाजौर में विस्फोटकों से भरी गाड़ी सुरक्षा चौकी से टकरा दी गई। इस हमले में 11 सैनिक और एक बच्चे की मौत हुई। अधिकारियों ने हमलावर को अफगान नागरिक बताया। इससे पहले इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद (इमामबाड़ा) में आत्मघाती हमला हुआ था। पाकिस्तानी अखबार द डॉन के मुताबिक, हमले में 31 लोगों की मौत हो गई है और 169 घायल हुए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी। अफगानिस्तान की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं अफगानिस्तान की तालिबान सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि अफगान सूत्रों के अनुसार पक्तिका में एक धार्मिक स्कूल पर ड्रोन हमला हुआ और नंगरहार प्रांत में भी कार्रवाई की गई। पाकिस्तान लंबे समय से तालिबान सरकार से मांग करता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से संचालित हो रहा है, जबकि तालिबान इन आरोपों से इनकार करता रहा है। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तालिबान पर दबाव डालने की मांग की पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह 2020 में दोहा में अमेरिका के साथ हुए समझौते के तहत तालिबान पर दबाव डाले, ताकि अफगान जमीन का इस्तेमाल दूसरे देशों के खिलाफ न हो। प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि यह कदम “क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा” के लिए जरूरी है। अक्टूबर में सीमा पर हुई झड़पों में दोनों ओर सैनिकों और नागरिकों की मौत के बाद से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं। कतर की मध्यस्थता से 19 अक्टूबर को युद्धविराम हुआ था, लेकिन तुर्किये के इस्तांबुल में बाद की वार्ता औपचारिक समझौते तक नहीं पहुंच सकी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here