छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धर्मांतरण-मतांतरण को लेकर फिर बवाल हुआ है। रविवार की सुबह सरस्वती नगर थाना क्षेत्र के कुकुर बेड़ा में हिंदू संगठनों ने एक मकान का घेराव कर दिया। हिंदू संगठन ने मसीही समाज के लोगों पर प्रार्थना सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया। पुलिस ने मौके से एक महिला समेत 3 संदेहियों को हिरासत में लिया। वहीं सरस्वती नगर थाना परिसर में हिंदू संगठन और मोहल्लेवासियों ने हिरासत में लिए गए युवकों को पीट दिया। पुलिस ने पीड़ित युवकों को भीड़ से छुड़ाया और आरोपियों पर FIR करने की बात कही है। इस मामले में हिंदू संगठन का कहना है कि उन्होंने मारपीट नहीं की। युवक भाग रहे थे, इसलिए मोहल्लेवासियों ने पीट दिया। पहले देखिए ये तस्वीरें- पैसे देकर धर्मान्तरण कराने का आरोप हिंदू संगठन का कहना है कि इष्ट देवताओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही थी। पैसों का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना की सूचना मिली तो 3 थानों की फोर्स को मौके पर रवाना किया। जानिए क्या है पूरा मामला रविवार की सुबह कुकुर बेड़ा में मोहल्लेवासियों ने हिंदू संगठनों को बुलाया। उनका कहना था कि, मोहल्ले के एक मकान में पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है। हिंदू संगठन के लोग मौके पर पहुंचे। मकान में 30 से 35 लोग मौजूद थे। इस दौरान हिंदू संगठन के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सरस्वती नगर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मकान से एक महिला और 2 युवकों को हिरासत में लिया। उन्हें पूछताछ के लिए लेकर थाने लेकर आई। हिंदू संगठन का कहना है कि युवक भागने की कोशिश कर रहे थे, इसलिए मोहल्लेवासियों ने उन्हें पीट दिया। मेरे भतीजे का ब्रेन वॉश किया मोहल्ले में रहने वाले अजय नेताम ने बताया कि मेरा भतीजा पिछले कई सालों से हिंदू धर्म और देवी देवताओं को छोड़कर यीशु की पूजा कर रहा है। घर के ऊपर एक साइड में यह लोग रोज देर रात तक गाना बजाना किया करते थे। रोज अनजान लोग मेरे घर आते थे और मेरे भतीजे का ब्रेन वॉश करते थे। इसी को लेकर पूरा विवाद हुआ। 3300 देकर यीशु की पूजा करने के लिए कहा- छात्रा जिस मोहल्ले में पूरा विवाद हुआ उसी मोहल्ले में रहने वाली 12वीं की एक छात्रा ने बताया कि पिछले कई सालों से उन्हें लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए फोर्स किया जा रहा था। मेरे सामने ही बच्चों को 3300 देकर यीशु की पूजा करने के लिए कहा जाता था। मुझे भी कई बार पैसों का लालच दिया लेकिन मैंने मना कर दिया। हमने भीड़ को रोकने की कोशिश की- बजरंग दल सदस्य बजरंग दल के सदस्य अमर दीप शर्मा ने कहा कि हिंदू संगठनों ने किसी भी व्यक्ति से परिसर या थाने के बाहर मारपीट नहीं की है। हमारे सामने ही मोहल्ले के लोगों ने धर्म परिवर्तन या मतांतरण कर रहे लोगों को पीटना शुरू कर दिया। हमने कई दफा उनको रोकने की पुलिस कोशिश की। मारपीट का अपराध दर्ज किया जाएगा- पुलिस ASP दौलत राम ने बताया कि मोहल्ले में 2 पक्षों में विवाद हुआ था। हिरासत में लिए गए लोगों को सुरक्षित रखा गया है। मारपीट का अपराध दर्ज किया जाएगा। धर्म परिवर्तन की बात भी सामने आई है। फिलहाल, बयान लिए जा रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण-मतांतरण पर हिंदू और ईसाई समाज में टकराव के हालात हैं। 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन से 2 मिशनरी सिस्टर्स की गिरफ्तारी हुई थी। ये मुद्दा लोकसभा-राज्यसभा तक पहुंचा था। आंकड़ों की बात करें तो छत्तीसगढ़ में 2021 से लेकर अब तक हिंदू और ईसाई समाज में 102 बार टकराव हुआ। अलग-अलग जिलों में 44 FIR दर्ज हुई है। इसमें 23 FIR बीते एक साल में दर्ज की गई है। कोरबा, बलरामपुर, महासमुंद, दुर्ग और बिलासपुर जिले हॉटस्पॉट बने हुए हैं। ……………………….. धर्मांतरण से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ में 4 साल में धर्मांतरण-मतांतरण के 102 केस: कोरबा-बलरामपुर में सबसे ज्यादा विवाद, 44 FIR, इनमें 23 बीते एक साल में दर्ज हुई धर्मांतरण-मतांतरण मुद्दे को लेकर हिंदू संगठन और मसीही समाज के बीच वर्तमान में 17 जिलों में विवाद की स्थिति है। इन जिलों में अलग-अलग समय में विवाद हुआ और FIR भी दर्ज हुई। बीते चार सालों में सबसे ज्यादा विवाद कोरबा, बलरामपुर, महासमुंद, दुर्ग और बिलासपुर में हुआ है। सबसे कम विवाद सरगुजा, बस्तर और सूरजपुर में हुआ है। पढ़ें पूरी खबर
