प्रख्यात कथाकार और ‘पहल’ के संपादक ज्ञानरंजन नहीं रहे, 90 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

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हिंदी साहित्य के साठोत्तरी दौर के प्रमुख कथाकार, प्रख्यात गद्यकार और साहित्यिक पत्रिका ‘पहल’ के संपादक ज्ञानरंजन का सात जनवरी की रात जबलपुर में निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे। उनके निधन को हिंदी साहित्य के एक युग के अवसान के रूप में देखा जा रहा है। ज्ञानरंजन अपने नवाचारी लेखन, सशक्त भाषा और वैचारिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे।

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