मध्य प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा शासकीय अस्पतालों में आने वाली 9600 गर्भवती और प्रसूताओं की स्क्रीनिंग की है। जिसमें सामने आया कि कुछ महिलाओं को अपनी बॉडी का शेप बिगड़ने की चिंता सताती है, तो कुछ को मन में यह चलता रहता है कि बेटा हो गया बेटी। वहीं कुछ के मन में नार्मल डिलिवरी और सीजेरियन को लेकर तनाव रहता है।
