छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में धनेशपुर स्थित लुत्ती बांध टूटने से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। एक बच्ची और महिला की डेड बॉडी बुधवार सुबह मिली है। वहीं 2 महिलाओं के शव कल रात ही मिल गए थे। लापता 3 लोगों की तलाश की जा रही है। घटना रामानुजगंज थाना क्षेत्र की है। बता दें कि, बांध टूटने से निचले इलाके के 4 घर बाढ़ की चपेट में आकर बह गए। हादसे में इन घरों के 7 लोग चपेट में आ गए। घटना की सूचना पर देर रात से रेस्क्यू टीम के साथ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। बलरामपुर जिले में 2 दिनों से हो रही बारिश से बांध लबालब हो गया था। यह मिट्टी का बांध है, जो साल 1981 में बनाया गया था। ओवर फ्लो होने के कारण मंगलवार रात करीब 11 बजे से 11.30 बजे के बीच मेड़ टूट गई और बांध बह गया। 55 बकरियां, 5 गाय और 4 बैल भी बह गए बांध टूटने से 3 परिवारों की 55 बकरियां, 5 गाय और 4 बैल भी बह गए। करीब 25 एकड़ धान की फसल और 1.5 एकड़ में लगी टमाटर और खीरे की फसल बर्बाद हो गई है। प्रशासन की ओर से राहत शिविर लगाए गए हैं। प्रभावित परिवारों को भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर मुआवजे का आश्वासन दिया है। कलेक्टर राजेंद्र कटारा और पुलिस अधीक्षक बैंकर वैभव रमनलाल सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है। 3 लोग अभी भी लापता, तलाश जारी मृतकों में बतसिया (61), चिंता सिंह (30), रंजती सिंह (28) और प्रिया (6) शामिल हैं। हादसे में 4 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें बलरामपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में रामवृक्ष सिंह (65), अनूप सिंह (19), कालीचरण टोप्पो (65) और फूलमनिया टोप्पो (61) शामिल हैं। 3 लोग अभी भी लापता हैं। एनडीआरएफ और पुलिस बल कार्तिक सिंह (6), वंदना सिंह (3) और जीतन सिंह (65) की तलाश कर रहे हैं। तैरकर लोगों ने बचाई जान ग्रामीणों ने बताया कि रात को जब बांध टूटा तो सबसे पहले पानी का सैलाब कालीचरण टोप्पो के घर पहुंचा। जिससे परिवार के 11 अन्य सदस्य पानी में बहने लगे। कालीचरण टोप्पो ने बांस को पकड़ लिया, जिससे उसकी जान बच गई। कालीचरण की पत्नी फुलमनी टोप्पो दीवार के नीचे दब गई थी, जिसे बाद में निकाला गया। दोनों घायल हो गए हैं। कालीचरण के परिवार के अन्य सदस्यों ने तैरकर जान बचाई। इसके बाद पानी का सैलाब रामवृक्ष खैरबार के घर पहुंचा, जिसमें उसका पूरा घर और परिवार के सभी सदस्य बह गए। रामवृक्ष झाड़ी पकड़कर बाहर निकल गया। उसकी पत्नी, बेटा दो बहुएं और बच्चे पानी में बह गए। देर रात 2 ग्रामीणों का शव मिला बांध के निचले इलाके में रहने वाले रामवृक्ष खैरबार, उसकी पत्नी बतसिया (60), बेटा गणेश खैरबार, बहू रजंती (26) उसके दो बच्चे और दूसरी बहू बाढ़ में बह गए। इसमें बतसिया और रजंती का शव झाड़ियों में फंसा मिला। पूर्व विधायक बोले- जल संसाधन विभाग की लापरवाही घटनास्थल पर बुधवार सुबह पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह पहुंचे। पूर्व विधायक ने कहा कि बांध क्षतिग्रस्त हो गया था। इसकी सूचना ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दी थी, लेकिन मरम्मत नहीं की गई। बांध मुरम वाली मिट्टी से बना था, जो ज्यादा पानी बर्दाश्त नहीं कर सका और बह गया। धान और टमाटर की फसल बर्बाद जहां बांध बहा है, वहां से कन्हर नदी की दूरी करीब पांच किलोमीटर है। बाढ़ में बहे लाेगाें की खोजबीन में सैकड़ों लोग जुटे हैं। अन्य ग्रामीणों के घर बहे, लेकिन इनके सदस्य बच गए। बाढ़ की चपेट में आकर ग्रामीणों की सैकड़ों एकड़ में लगी धान और टमाटर सहित अन्य फसलें भी बर्बाद हो गई हैं। बाढ़ की चपेट में आकर ग्रामीणों के कई मवेशी भी बह गए हैं। कुछ की खूंटे में बंधी हालत में मौत हो गई। कई बांध लबालब, प्रशासन ने किया सतर्क बलरामपुर जिले में इस साल औसत से 59 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके कारण जिले के सभी बांध लबालब भर गए हैं और नदी, नाले भी उफान पर हैं। इसे देखते हुए पुराने बांध के नीचे रहने वालों को सतर्क भी किया गया है। ………………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बांध में आई दरार, लोगों के घर खाली करवाए:बलरामपुर में बारिश से बढ़ा खतरा; 2 हजार लोग प्रभावित बलरामपुर जिले में लगातार बारिश से सकेतवा बांध में दरार पड़ गई है। 27 जुलाई की रात अचानक हालात को देखते को हुए आसपास के 10-12 घर खाली करवाए गया है। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम ने रात से ही मोर्चा संभाला और हालात पर नजर बनाए हुए है। पढ़ें पूरी खबर…
