इन इलाकों में ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों और सुरक्षा बलों ने मिलकर ध्वजारोहण किया। दशकों तक जहां माओवादियों के लाल झंडे लहराते थे, वहां ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों की गूंज सुनाई दी। बच्चों ने देशभक्ति के गीत गाए और तिरंगा यात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
