Maoists Surrender: मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में माओवादी गतिविधियों के तेजी से कमजोर होने के संकेत मिल रहे हैं। बालाघाट में लगातार माओवादी सरेंडर होने से यह क्षेत्र माओवाद मुक्त होने की कगार पर पहुंच गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में भी कई हार्डकोर माओवादियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है, जिसे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
