बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, कुछ देर बाद फंदे पर लटकी मिलीं

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बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-3 में कहानी, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी डेथ केस की। प्रत्युषा 1 अप्रैल को फांसी को फंदे से लटकी मिली थीं। उनकी मौत के बाद परिवार ने उनके बॉयफ्रेंड राहुल राज पर मारपीट और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए, लेकिन फिर एक कॉल रिकॉर्डिंग से केस की दिशा पलट गई। 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सांतवी मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। राहुल ने फिर कहा- प्रत्युषा तुम कितना भी प्यार करती हो, तुम कितना भी नशे में हो… प्रत्युषा ने फिर बात काटकर कहा- जवानी में प्यार कर दिया तुमको.. राहुल- फाइनल बात बोलता हूं तुमको… प्रत्युषा ने फिर कहा- सुनो…सुनो…सुनोना… राहुल ने चिढ़ कर कहा- फाइनल बात बोलता हूं तुमको, मुझे इस तरह टॉर्चर मत करो। प्रत्युषा ने फिर कहा- मेरी बात सुनो, अपनी मत सुनाओ, क्योंकि मुझे कुछ सुनाई नहीं दे रहा है। उन्होंने अचानक कहा- मेरे को प्रॉस्टिट्यूट…. ये कहते हुए वो रुक गईं। वो बहुत नशे में थीं। कुछ सुनना नहीं चाहती थीं। फिर राहुल ने कहा- सोचो तो। प्रत्युषा ने फिर कहा- आज तक कभी नहीं, ये क्या बातें हैं। मैंने बहुत सारे बच्चे पाले, अपनी आंटी के साथ। मैं ऐसी नहीं हूं। राहुल- तुम सोचो प्रत्युषा- नोट डन। राहुल ने उन्हें चुप करवाते हुए कहा- एक पप्पी तो बनती है। प्रत्युषा ने फिर कहा- मेरे बारे में गंदा…गंदा… राहुल- ये सब हंसने की बात है, तुम्हारे बारे में ऐसा कोई बोले तो हंसो। प्रत्युषा- मां-बाप हैं वो मेरे… राहुल ने गाली देते हुए कहा- तुम्हारा बाप #@$# है। मुझे गाली दे रहा है तुम्हारा बाप। मेरे को बोलता है… प्रत्युषा- आई नो राहुल- मेरे को बोलता है तुम बॉम्बे हो, मैं आता हूं दो घंटे में.. ये सुनकर प्रत्युषा भी जोर-जोर से गालियां देने लगीं। गालियां देने के बाद वो बोलीं- गारंटी मैं इनका खून नहीं हूं। तभी मुझे गालियां देते हैं। राहुल और प्रत्युषा की ये बातचीत करीब 5 मिनट तक चली। कुछ देर मां-बाप के बारे में बात करने के बाद प्रत्युषा, राहुल को भद्दी गालियां देने लगीं। आखिर में उन्होंने कहा- मैं बहुत मेहनत की,,,मैंने जिंदगी में बहुत मेहनत की। यहां पे अपने आप को बेचने थोड़ी आए हैं। एक्टिंग करने आए हैं, काम करने आए हैं, तुमने मुझे आज कहां खड़ा कर दिया। तुम्हें अंदाजा नहीं है कि मैं क्या फील कर रही हूं। राहुल बार-बार बस यही कहते रहे कि वो बस आधे घंटे में घर लौट आएंगे, फिर बात करते हैं, लेकिन प्रत्युषा बात आगे बढ़ाती रहीं। कुछ देर बाद बोलते-बोलते प्रत्युषा की जुबान लड़खड़ाने लगी और कॉल कट गया। प्रत्युषा को गोद में उठाकर हॉस्पिटल पहुंचे बॉयफ्रेंड राहुल उसी शाम खबर आई कि प्रत्युषा बनर्जी ने आत्महत्या कर ली। हर तरफ खबरें थीं कि उनके बॉयफ्रेंड राहुल राज उन्हें बेतरतीब हालत में कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। हॉस्पिटल में प्रत्युषा को मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल से ही पुलिस को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद वहां मीडिया की भीड़ इकट्ठा हो गई। कुछ देर बाद प्रत्युषा के बॉयफ्रेंड राहुल राज, वहां से भाग निकले। उनके पास ही प्रत्युषा का मोबाइल था। उन्होंने अपना और प्रत्युषा दोनों का नंबर बंद कर लिया। कुछ देर बाद प्रत्युषा के करीबी अस्पताल पहुंचने लगे। चंद घंटों में इस खबर से सनसनी मच गई। राहुल राज के हॉस्पिटल से भाग जाने पर कई सवाल खड़े किए जाने लगे। अस्पताल के बाहर मौजूद प्रत्युषा के दोस्त लगातार ये कहते रहे कि वो आत्महत्या नहीं कर सकतीं। सबने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। हर किसी को प्रत्युषा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार था। कुछ देर बाद प्रत्युषा की मां सोमा मुखर्जी और पिता शेखर मुखर्जी भी अस्पताल पहुंच गए। अगले दिन 2 अप्रैल को प्रत्युषा के बॉयफ्रेंड राहुल राज को बांगुर पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। बेसुध हालत में राहुल बयान दर्ज करवाने पहुंचे। राहुल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में उस दिन की पूरी कहानी सुनाई, जो उन्होंने पुलिस बयान में भी कही थी। राहुल कहते हैं, ‘मैं शाम को करीब साढ़े 3 बजे घर लौटा। दरवाजा खटखटाया, तो कोई जवाब नहीं मिला। कुछ देर ठहरकर मैंने बार-बार डोरबेल बजाना शुरू कर दिया, जवाब अब भी नहीं मिला। ऐसा अक्सर हुआ करता था। हम कहीं न कहीं घर की चाबियां छोड़ आते थे। चाबियां गुमा देते थे, तो हमारे पास हमेशा एक चाबी बनाने वाले का नंबर होता था। मैंने चाबी वाले को कॉल कर तुरंत बुलाया। इसी बीच घर के बाहर शोर सुनकर मेरे पड़ोसी का नौकर निकला। मैंने कहा, जरा तू पीछे से अपनी बालकनी से मेरी बालकनी में जा और अंदर से दरवाजा खोल।’
‘जैसे ही वो अंदर गया तो उसने सबसे पहले देखा कि प्रत्युषा पंखे से लटकी हुई है। उसने घर का मेन डोर खोला और मैं कमरे में घुसा, उसी वक्त चाबी वाला भी पहुंच चुका था। मैंने उससे कटर लिया, ऊपर चढ़कर फंदे को काटा। प्रत्युषा को अपनी गोद में लिया। मुझे लगा सांसे चल रही हैं, तुरंत मैंने सीपीआर देने की कोशिश की। बस मन में यही चल रहा था कि कैसे भी इसे मैं बचा लूं।’ ‘4.30 तक मैं उसे गोद में उठाकर हॉस्पिटल पहुंचा, ये सब बिल्डिंग के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। कुछ ही देर बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मैं ये भी बता दूं कि सुसाइड करने से तीन दिन पहले भी वो आत्महत्या की कोशिश कर चुकी थी। तब भी मैंने उसे समझाने की बहुत कोशिश की।’ पुलिस बयान में राहुल राज ने साफ कहा कि प्रत्युषा आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं। उन्हें अपनी ज्यादातर कमाई न चाहते हुए भी घरवालों को देनी पड़ती थी, जिससे वो परेशान रहती थीं। उनकी परिवार से अनबन चल रही थी, जिससे वो डिप्रेशन में थीं। राहुल राज द्वारा बयान दर्ज करवाए जाने के बाद पुलिस ने उनके पड़ोस में रहने वाले नौकर को पूछताछ के लिए बुलाया, जिसने राहुल के अनुसार पीछे की बालकनी से घर में दाखिल होकर प्रत्युषा की लाश को सबसे पहले देखा था। उसका नाम सुनील मुख्या था। सुनील ने भी पुलिस से यही कहा कि शोर सुनकर वो बाहर आया तो राहुल घर के बाहर खड़े थे। राहुल के ही कहने पर वो बालकनी से घर में गया। उसने प्रत्युषा की लाश देखने के बाद दरवाजा खोला, जिससे राहुल अंदर आ सकें। राहुल राज ने हॉस्पिटल में डेडबॉडी छोड़कर जाने पर दी सफाई… राहुल ने हॉस्पिटल में डेडबॉडी छोड़कर भागने के आरोप पर दैनिक भास्कर से कहा- ‘जैसे ही डॉक्टर्स ने प्रत्युषा को मृत घोषित किया, मैंने पुलिस और उसके पेरेंट्स को बुला लिया। मैं सदमे में था और करीब तीन घंटे तक हॉस्पिटल में ही रहा, लेकिन जब मीडिया के लोगों ने मुझे बुलाना शुरू किया तो मैं डर गया। मैं उन्हें फेस करने की स्थिति में नहीं था और न ही पेरेंट्स या उसके करीबी लोगों को फेस कर सकता था।’ आगे उन्होंने कहा, ‘मैं यकीन नहीं कर पा रहा था कि प्रत्युषा मुझे छोड़कर चली गई। इसलिए मैं हॉस्पिटल से चला गया। मेरा फोन लगातार बज रहा था, जिससे बैटरी डिस्चार्ज हो गई। मेरा फोन भी खराब हो गया था।’ आत्महत्या के समय मांग में था सिंदूर…… प्रत्युषा की मौत के बाद राखी सावंत, एक्ट्रेस डॉली बिंद्रा के साथ अस्पताल पहुंची थीं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि मौत के समय प्रत्युषा ने माथे पर सिंदूर लगाया हुआ था। ये दावा वहां मौजूद कई और लोगों ने भी किया। 2 अप्रैल को प्रत्युषा का शव उनके परिजनों को सौंपा गया, जिसके बाद ओशिवारा श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार हुआ। प्रत्युषा को दुल्हन की तरह सजाकर उन्हें अंतिम विदाई दी गई। उनके बॉयफ्रेंड राहुल राज ने भी इसमें शामिल होने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने उन्हें वहां आने नहीं दिया। अंतिम संस्कार के ठीक बाद प्रत्युषा के दोस्तों काम्या पंजाबी, विकास गुप्ता, स्मिता बंसल समेत कई लोगों ने मीडिया को दिए बयान में प्रत्युषा की मौत का जिम्मेदार उनके बॉयफ्रेंड राहुल राज को ठहराया। दोस्तों का कहना था कि प्रत्युषा डिप्रेशन में नहीं थीं। वो बेहद खुशमिजाज लड़की थीं और उन्हें काम और पैसों की भी कोई कमी नहीं थी। प्रोड्यूसर विकास गुप्ता ने कहा- उसका रिलेशनशिप ठीक नहीं था। कोई खुद को फांसी पर लटकाता है, तो उसकी नाक पर चोट नहीं आती। उसकी नाक पर चोट है, उसके गाल पर चोट लगी हुई है। उसको इतनी चोटें लगी हुई हैं, मुझे यकीन है कि पुलिस सब बताएगी। राहुल भाग गए, वो रो रहे थे, वहां (हॉस्पिटल में) बैठकर चिप्स खा रहे थे, वो कुछ भी कर सकते हैं। काम्या पंजाबी ने भी कहा- हमने प्रत्युषा की नाक पर चोट देखी है। उसके गाल पर निशान था। 1 अप्रैल को आत्महत्या की, 15 अप्रैल को करने वाली थीं शादी… प्रत्युषा की आंटी ने उनके अंतिम संस्कार के बाद मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि वो 15 अप्रैल को राहुल राज से शादी करने वाली थीं। उन्होंने खुद सभी रिश्तेदारों को कॉल कर इसकी जानकारी दी थी। लहंगा भी डिजाइन करने के लिए दिया जा चुका था। प्रत्युषा के परिवार ने बॉयफ्रेंड के खिलाफ दर्ज करवाई शिकायत प्रत्युषा के अंतिम संस्कार के बाद 3 अप्रैल 2016 को उनके पेरेंट्स ने बॉयफ्रेंड राहुल राज के खिलाफ आत्हमत्या के लिए उकसाने, मारपीट करने और प्रत्युषा के पैसों का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई। 3 अप्रैल को ही राहुल की गिरफ्तारी होनी थी, लेकिन इससे पहले ही अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें कांदीवली के श्री साई हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। राहुल के हॉस्पिटलाइज होते ही उनकी गिरफ्तारी टल गई। इस दौरान प्रत्युषा के पिता शंकर बनर्जी ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को मेल कर हॉस्पिटल पर राहुल को बचाने के आरोप लगाए। शिकायत में उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल की संचालक डॉक्टर गोएल ने पैसे लेकर राहुल को गिरफ्तारी से बचाने के लिए एडमिट किया है। करीब 2 हफ्ते के इलाज के बाद राहुल को डिस्चार्ज किया गया, जिसके बाद वो सीधे बांगुर पुलिस स्टेशन पहुंचे। तब तक 2 याचिका खारिज होने के बाद उन्हें बेल मिल चुकी थी। शिकायत के बाद प्रत्युषा के दोस्तों, बिल्डिंग के पड़ोसी और रिश्तेदारों से पूछताछ हुई। काम्या पंजाबी ने राहुल पर मारपीट करने के आरोप लगाए। वहीं प्रत्युषा की मुंबई में रहने वालीं रिलेटिव ने पुलिस स्टेटमेंट में कहा कि एक बार प्रत्युषा उनके घर आई थीं। उनकी जांघों पर गहरे जख्म थे। जब उन्होंने उस बारे में पूछा तो प्रत्युषा ने कहा कि राहुल से झगड़े में उन्हें ये चोट लगी। उन्होंने प्रत्युषा को अपने घर में रोकना चाहा, लेकिन वो लौट गईं। प्रत्युषा के जाते ही रिलेटिव ने इसकी जानकारी उनके पेरेंट्स को भी दी। प्रत्युषा के दोस्तों ने पुलिस स्टेटमेंट में कहा कि राहुल राज की एक्स गर्लफ्रेंड सलोनी शर्मा भी लगातार प्रत्युषा के साथ मारपीट करती थीं, जिसका सबूत उनके बिल्डिंग के सीसीटीवी में कैद है। दोस्तों के अनुसार, सलोनी अक्सर राहुल की गैरमौजूदगी में प्रत्युषा के घर आकर हंगामा खड़ा करती थीं। वो उन्हें भद्दी गालियां देती थीं और उन्हें बर्बाद करने की धमकी देती थीं। साथ ही कई बार सलोनी ने प्रत्युषा के साथ मारपीट भी की थी। मौत से कुछ घंटों पहले दोस्त से मांगी मदद…. प्रत्युषा की करीबी दोस्ती और राहुल राज की राखी सिस्टर लीना दियास ने पुलिस बयान में कहा कि प्रत्युषा ने मौत से कुछ घंटों पहले आधी रात 3 बजे उन्हें रोते हुए कॉल किया था। उन्होंने कहा कि सब गलत हो रहा है, वो सब ठीक करना चाहती हैं। जब लीना ने पूछा वो किस बारे में बात कर रही हैं, तो प्रत्युषा ने जवाब दिया कि सलोनी, राहुल की गैरमौजूदगी में उन्हें टॉर्चर करती हैं। प्रत्युषा ने रोते हुए कहा- मैं इससे निकलना चाहती हूं, मैं सब ठीक करना चाहती हूं। लीना ने उनसे कहा कि वो अगली सुबह उनसे मिलेंगी और इस बारे में बात करेंगी। अगली सुबह यानी 1 अप्रैल को उन्होंने घर से निकलने से पहले प्रत्युषा को कॉल किया था। इस बार कॉल राहुल राज ने उठाया और कहा कि उन्हें आने की जरूरत नहीं है। वो फिर प्रत्युषा से नहीं मिलीं और कुछ ही देर में उन्हें प्रत्युषा की मौत की खबर मिली। राहुल के वकील ने छोड़ा केस, कहा- मुझसे बहुत कुछ छुपाया गया प्रत्युषा बनर्जी डेथ केस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही थी, केस देशभर में सुर्खियों में था और राहुल के खिलाफ कई लोग बयान दे चुके थे। तभी उन्हें बेगुनाह बताने वाले उनके वकील नीरज गुप्ता ने 7 अप्रैल को अचानक केस छोड़ दिया। उन्होंने मीडिया को दिए बयान में कहा कि राहुल ने उनसे कई बातें छिपाईं और वो इंसानियत के नाते ये केस खुद छोड़ रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में राहुल ने नीरज गुप्ता के केस छोड़ने पर कहा, ‘हमें हमारी लीगल टीम से ही एडवाइस मिली थी कि आप मीडिया के सामने जाकर बात नहीं कर सकते हैं। क्या पता कुछ बोल देने से हमें ही भुगतना पड़े। हाईकोर्ट में ऑलरेडी केस चल रहा था। इस बीच हम देखते हैं कि लॉयर नीरज गुप्ता को मना करने के बाद भी वो मीडिया के सामने जाते हैं और बोलते हैं कि राहुल बेकसूर है वगैरह-वगैरह, लेकिन थोड़े दिनों बाद उसका उल्टा कहते हैं।’ ‘नीरज गुप्ता मेरे लॉयर नहीं थे। मैंने कोई वकीलनामा उनके साथ साइन नहीं किया था, वो बस मेरे दोस्त के एक दोस्त थे जो उस वक्त मेरी मदद कर रहे थे। अब जब वो मीडिया के पास गए तो उस वक्त मेरी मासी और मेरी अच्छी दोस्त साहिला चड्ढा ये देखकर भड़क गईं और उन्हें डांट दिया। डांट पड़ने से नीरज गुप्ता का इगो हर्ट हुआ और फिर उन्होंने मीडिया के सामने जाकर बकवास की।’ अब केस सुलझने की बजाय और उलझ गया। पुलिस के पास कई सवाल थे। पहला सवाल- अगर प्रत्युषा 15 अप्रैल को शादी करने वाली थीं, तो 1 अप्रैल को आत्महत्या क्यों की? दूसरा सवाल- अगर प्रत्युषा ने शादी नहीं की, तो मरने से पहले उन्होंने सिंदूर क्यों लगाया? तीसरा सवाल- अगर प्रत्युषा की आत्महत्या की वजह राहुल थे, तो उन्होंने आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां क्यों दीं? चौथा सवाल- आखिर सलोनी शर्मा ने प्रत्युषा के साथ मारपीट क्यों की? प्रत्युषा बनर्जी डेथ केस में कल यानी 4 फरवरी को जानिए इन सभी सवालों के जवाब कि कैसे राहुल की एक रिकॉर्डिंग से प्रत्युषा के पेरेंट्स शक के घेरे में आ गए और क्यों केस का नतीजा आज तक नहीं निकला, सिर्फ दैनिक भास्कर एप पर। पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन: लिव-इन पार्टनर की एक्स ने मारपीट की बात स्वीकारी, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब
प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए कल, प्रत्युषा मर्डर केस के पार्ट-2 में। (नोटः ये खबर प्रत्युषा का केस लड़ने वाले पब्लिक प्रॉसिक्यूटर, प्रत्युषा के बॉयफ्रेंड राहुल राज के इंटरव्यू और केस की रिसर्च के आधार पर लिखी गई है। ) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय ………………………………………………. भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… ………………………………….. पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। नीरज की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि नीरज की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने नीरज का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…

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