बिना बछड़ा जन्म दिए 5 लीटर दूध दे रही गाय,VIDEO:लोग देखने आ रहे, चमत्कार मानकर पूजा कर रहे, पशु चिकित्सक बोले- यह हॉर्मोनल बदलाव

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छत्तीसगढ़ में कोरबा के दीपका इलाके में एक गाय बिना बछड़ा दिए दूध दे रही है। जबकि आमतौर पर गाय बछड़े के जन्म के बाद ही दूध देती है। ऐसा होता देख लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं। गाय की आरती उतारकर पूजा पाठ कर रहे हैं। यह गाय रोजाना सुबह-शाम मिलाकर 5 लीटर दूध देती है। इस गाय को स्थानीय लोग ‘कामधेनु’ कह रहे हैं। वहीं, पशु चिकित्सक डॉ. एच के सोनी ने बताया कि, यह स्थिति हॉर्मोनल बदलाव के कारण हो सकता है। पहले तस्वीरें देखिए… जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, पाली रोड दीपका निवासी धनंजय सिंह कोल व्यापारी हैं। उन्हें मवेशी पालन का शौक है। उनके पास दो गाय है। करीब एक महीने पहले जब वे गाय के रहने की जगह की सफाई कर रहे थे, तब उन्होंने देखा कि वहां दूध गिरा हुआ था। जब उन्होंने गाय से दूध निकाला तो पता चला कि वह बिना बच्चा दिए दूध दे रही है। एक लोटा भगवान को चढ़ाया जाता है दूध धनंजय सिंह का कहना है कि, जब से लोग सुने है, तो कामधेनु के नाम से पूजा पाठ कर रहे हैं। कुछ जानकारों ने कहा कि, यह गाय बहुत अच्छी है। इसकी रोजाना पूछा करनी चाहिए। तो पूजा करते हैं। गाय दिन में दो बार करीब ढाई से तीन लीटर तक दूध दे रही है। इसमें से एक लोटा भगवान को चढ़ाया जाता है। बाकी घर में इस्तेमाल किया जाता है। आसपास के लोग भी इस गाय का दूध लेने आ रहे हैं। 3 साल की है गाय, हर पूजा में यूज होता है दूध पड़ोसी आवंकित सिंह का कहना है कि, 2022 में गाय खरीदे थे उसे एक बछिया हुई। अभी वह 3 साल की है। हमें अचानक पता चला कि यह कामधेनु गाय है। पिछले एक महीने से अचानक बिना बछड़ा दिए दूध देने लगी है। यह दूध हर पूजा में यूज किया जाता है। डॉक्टर बोले- यह हॉर्मोनल बदलाव कोरबा के पशु चिकित्सक डॉ. एच के सोनी ने बताया कि, यह स्थिति हॉर्मोनल बदलाव के कारण हो सकती है। लेकिन स्थानीय लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं। वे इस गाय को कामधेनु का स्वरूप मानकर पूजा कर रहे हैं। ………………………………… गाय से जुड़ी और भी खबर पढ़िए… बछिया की बर्थ-डे पार्टी..कार्ड छपा, केक कटा..VIDEO:धमतरी में गिफ्ट में मिला स्पेशल चारा; जन्म के समय अपंग थी, ऑपरेशन भी हुआ छत्तीसगढ़ के धमतरी में बड़े धूमधाम से बछिया जन्मोत्सव मनाया गया। इसके लिए बकायदा कार्ड और बैनर छपवाकर लोगों को आमंत्रित भी किया गया। केक काटने की रस्म भी निभाई गई। लोगों ने बछिया के लिए विशेष चारा भी भेंट किया। गौ मालिक ने सभी मेहमानों के लिए पार्टी का भी आयोजन किया। पढ़ें पूरी खबर

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