सौदा करने के दौरान लाखों के वाहनों के नकद मात्र 1 से 2 लाख देते थे व बांकी की राशि बैंक किश्तें चुकाने का बोलकर लिखा-पढ़ी करते थे। इस झांसे में वाहन स्वामी आकर उन्हें वाहन बेच देते थे, लेकिन बदमाश वाहन ले जाने के बाद फाइनेंस किश्तों का भुगतान करने की बजाए महाराष्ट्र ले जाकर वाहनों को बेच देते थे और राशि हड़प कर लेते थे।
