बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल अपनी पूरी टीम के साथ शुक्रवार को तनोट माता के दरबार में माथा टेकने पहुंच रहे हैं। यहां ‘बॉर्डर-2’ के पहले ऑफिशियल सॉन्ग ‘घर कब आओगे’ की लॉन्चिंग होगी। भारतीय जवानों के बीच फिल्म का पहला ऑफिशियल गीत ‘घर कब आओगे’ लॉन्च किया जाएगा, जिसकी लाइव प्रस्तुति गायक सोनू निगम देंगे। इस विशेष गीत के विमोचन के अवसर पर फिल्म की मुख्य स्टार कास्ट और क्रू मौजूद रहेगी। कार्यक्रम में अभिनेता सनी देओल, वरुण धवन और अहान शेट्टी के साथ गायक सोनू निगम, संगीतकार मिथुन और गीतकार मनोज मुंतशिर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। गदर 2 की सफलता से जुड़ी तनोट की आस्था सनी देओल का तनोट माता से जुड़ाव नया नहीं है। फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा है कि गदर 2 की रिलीज से पहले वे जैसलमेर आए थे और तनोट माता की आरती में शामिल होकर फिल्म की सफलता की मन्नत मांगी थी। इसके बाद गदर 2 ने 500 करोड से अधिक का कारोबार किया और कई रिकॉर्ड बनाए। बॉर्डर 2 की शुरुआत सरहद की धरती से सनी देओल का मानना है कि तनोट माता की कृपा से उनके करियर को नई दिशा मिली। इसी विश्वास के चलते उन्होंने बॉर्डर 2 जैसी महत्वाकांक्षी फिल्म की शुरुआत किसी स्टूडियो या होटल के बजाय उसी पावन भूमि से करने का निर्णय लिया, जहां देश की रक्षा करने वाले जवान तैनात रहते हैं। गीत की भावना और कहानी घर कब आओगे गीत केवल एक फिल्मी गीत नहीं है, बल्कि उन परिवारों की भावना को दर्शाता है, जिनके बेटे, पति या पिता देश की सीमाओं पर तैनात रहते हैं। इस गीत के माध्यम से फिल्म में देशभक्ति और भावनात्मक जुड़ाव को सामने लाने की कोशिश की गई है। सोनू निगम की आवाज और पुरानी यादें सोनू निगम इससे पहले 1997 की फिल्म बॉर्डर में संदेशे आते हैं जैसे गीत को आवाज दे चुके हैं। अब वे बॉर्डर 2 के इस नए गीत को प्रस्तुत करेंगे, जिससे फिल्म की भावनात्मक कड़ी को और मजबूत किया गया है। एम्फीथिएटर में गूंजेगी ‘मिट्टी की खुशबू’ तनोट माता मंदिर के सामने बने एम्फीथिएटर में एक अद्भुत दृश्य होगा। टी-सीरीज और जेपी फिल्म्स ने इसे एक ‘सिनेमाई इवेंट’ से ज्यादा एक ‘सैनिक सम्मान समारोह’ का रूप दिया है। BSF जवानों से जुड़ाव सनी देओल की तनोट यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता उनका BSF (सीमा सुरक्षा बल) के जवानों के साथ जुड़ाव है। पिछले दिनों जब वे यहां आए थे, तो उन्होंने जवानों के साथ ‘गदर’ के गानों पर डांस किया और उनके साथ लंगर में खाना खाया। मंदिर के पुजारियों और वहां तैनात जवानों का कहना है कि सनी देओल यहां एक सुपरस्टार की तरह नहीं, बल्कि एक श्रद्धावान भक्त की तरह आते हैं। वे घंटों मंदिर के संग्रहालय में बिताते हैं, जहां 1971 के युद्ध की निशानियां रखी हैं। इसी जुड़ाव ने उनके भीतर के ‘मेजर कुलदीप सिंह’ को आज भी जिंदा रखा है। क्यों खास है तनोट माता और सनी देओल का कनेक्शन? ‘बॉर्डर-2’ से देश को क्या उम्मीदें? फिल्म समीक्षकों का मानना है कि ‘बॉर्डर-2’ केवल एक सीक्वल नहीं है, बल्कि यह सनी देओल के करियर का सबसे बड़ा दांव है। होटल नहीं, मंदिर से फिल्म की शुरुआत आमतौर पर बड़े बजट की फिल्मों के लॉन्च इवेंट मुंबई या दुबई के बड़े होटलों में आयोजित होते हैं, लेकिन सनी देओल ने बॉर्डर 2 के पहले गीत के लिए तनोट माता मंदिर को चुना है। तनोट माता का मंदिर शौर्य और शक्ति का प्रतीक माना जाता है और फिल्म की शुरुआत इसी स्थल से की जा रही है। सिनेमा और आस्था का मेल तनोट माता मंदिर में बॉर्डर 2 के पहले गीत की लॉन्चिंग के साथ सिनेमा, आस्था और सरहद पर तैनात जवानों का एक साथ जुड़ाव देखने को मिलेगा। सनी देओल की यह पहल उनकी व्यक्तिगत आस्था के साथ उस देशभक्ति की झलक भी देती है, जिसे वे वर्षों से पर्दे पर निभाते आए हैं। आज के कार्यक्रम में क्या होगा खास
